पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के भाई महमूद अली और चार बेटों के खिलाफ मिर्जापुर थाना पुलिस ने एक ओर केस दर्ज किया है। घटनाक्रम 2021 का बताया गया है, जिसमें एक महिला ने पांचों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। वहीं, इकबाल की पत्नी फरीदा बेगम ने साजिश के तहत झूठा केस दर्ज करने का आरोप लगाया है, जिसकी शिकायत सीएम व अन्य अधिकारियों से की गई है।
यह केस दर्ज कराया
बागपत जिले की रहने वाली महिला ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उसका पति मिर्जापुर स्थित हाजी इकबाल की यूनिवर्सिटी में नौकरी करता था। 2021 में पति बीमार हो गए, जिसके बाद आर्थिक तंगी के चलते उसे भी यूनिवर्सिटी में नौकरी करनी पड़ी। आरोप है कि वहां पर अलग-अलग दिनों में इकबाल के बेटे वाजिद, जावेद, अलीशान, अफजान और भाई पूर्व एमएलसी महमूद ने उसके साथ दुष्कर्म किया। सामूहिक दुष्कर्म का भी आरोप लगाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि डर की वजह से उस समय तहरीर नहीं दी। अब पता चला कि इन पर काफी केस दर्ज हैं, तब तहरीर दी है। उधर, एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि तहरीर के आधार पर पांचों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
आरोप : एक दिन पहले मिली जमानत, फिर फंसा रही पुलिस
उधर, इस मामले को लेकर हाजी इकबाल की पत्नी फरीदा बेगम ने भी मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी और अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है। फरीदा बेगम का दावा है कि एक अक्टूबर को उसके बेटों की जमानत हाईकोर्ट से हो गई थी। जैसे ही पुलिस को यह पता चला तो साजिश के तहत अगले ही दिन यह केस दर्ज करा दिया। जिससे बेटे व परिवार के अन्य सदस्य जेल से बाहर न आ सकें। 2021 का मामला था, इतने दिन बाद केस दर्ज क्यों कराया।
आरोप है कि इस केस को दर्ज कराने के पीछे कई पुलिस अधिकारी और उनसे रंजिश रखने वाला दूसरा पक्ष भी शामिल है। फरीदा बेगम ने आरोप लगाया कि एक दिन पहले ही उसने एसएसपी को शिकायत भेज दी थी कि मिर्जापुर थाना पुलिस फर्जी केस दर्ज कर सकती है। बता दें, कि फरीदा बेगम इससे पहले भी कई बार अधिकारियों को संपत्ति कब्जाने की शिकायत भेज चुकी हैं।