आरोप लगाया था कि 20 केंद्र मानक के विपरीत हैं। इस मामले का शासन ने संज्ञान लिया है। अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अपर मिशन निदेशक ने एडी हेल्थ को पत्र लिखकर जांच कराकर रिपोर्ट तलब की है।
एडी हेल्थ ने पांच अधिकारियों की जांच टीम गठित कर दी है, जिसमें मुजफ्फरनगर से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन कुमार, मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक रणजीत कुमार, एनएचएम के कम्यूनिटी प्रोसेस शमशीर आलम, रजतवीर सिंह जैमवाल और मुजफ्फरनगर से अर्बन हेल्थ को-ऑर्डिनेटर प्रवीण पाल शामिल हैं। गठित टीम संबंधित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण भवनों के मानकों की जांच करेंगी।
यह है मानक
15 से 20 हजार जनसंख्या के तहत मलिन बस्तियों में या उनके करीब हो।
कम से कम चार कमरे, जिनका न्यूनतम क्षेत्रफल 1100 वर्ग फुट।
न्यूनतम 25 से 30 अंश दीवार एवं सर्कुलेशन का होता है। इस प्रकार भवन का क्षेत्रफल लगभग 1400 वर्ग फुट हो।
दो से तीन किलोमीटर की दूरी के अंदर नहीं होना चाहिए।
मरीजों के लिए एंबुलेंस आदि वाहनों के आने-जाने का पर्याप्त रास्ता होना चाहिए।
आवश्यकतानुसार रैंप की व्यवस्था होनी चाहिए।
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड का पंजीकरण होना चाहिए।
गठित टीम भवनों के निर्धारित मानकों का सत्यापन करेगी। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। शासन स्तर से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे। उनके आधार पर कार्रवाई होगी। -डॉ. कुमुद, एडी हेल्थ