सहारनपुर में बेहट पुलिस ने खनन माफिया पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला गैंग के पांच लोगों को गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इनमें सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक भी शामिल हैं। आरोपी राजस्व निरीक्षक ने बेहट तहसील में तैनाती के दौरान नदी की जमीन के फर्जी पट्टे हाजी इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी के नाम किए थे।
एसपी देहात सूरज राय ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेहट पुलिस ने हाजी इकबाल गैंग के पांच सदस्यों शेरपुर पेलों के निवासी सुरेंद्र, संजय, अब्दुल रहमान, अखलाख और पेपर मिल रोड कांशीराम कॉलोनी सहारनपुर निवासी रिटायर्ड राजस्व निरीक्षक बीरबल के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मामला दो दिन पहले दर्ज किया था। शनिवार को उक्त पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
एसपी देहात ने बताया कि उक्त पांचों आरोपी हाजी इकबाल गैंग के सदस्य हैं। रिटायर्ड राजस्व निरीक्षक बीरबल ने बेहट तहसील में तैनाती के दौरान नदी की जमीन के पट्टे उक्त सुरेंद्र, संजय, अब्दुल, अखलाख के नाम किए थे। जिन्होंने बाद में हाजी इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी के ट्रस्ट के नाम बैनामे किए गए थे। ये सब कार्य कानूनगो द्वारा किया गया। इस संबंध में 14 अक्तूबर 2021 को रजिस्ट्रार कानूनगो दिनेश कुमार की ओर से बेहट थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें तत्कालीन एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता, रजिस्ट्रार निरीक्षक जनेश्वर प्रसाद, पवन सिंह, राजस्व निरीक्षक बीरबल, पूर्व एमएलसी महमूद अली आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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