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Saharanpur: पुलिस ने नहीं होने दी गंगोह विधायक के खिलाफ महापंचायत, कोमल गुर्जर को भाजपा से निकाला

Fri, 27 Jun 2025 05:26 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

भाजपा महानगर महिला मोर्चा की जिला मंत्री कोमल गुर्जर ने गंगोह से सपा विधायक किरत सिंह पर परिवार के उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसी को लेकर उन्होंने पुलिस-प्रशासन की बिना अनुमति महापंचायत बुलाई थी। 
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सपा नेता के आवास के पास मौजूद कोमल गुर्जर के समर्थक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा महिला नेत्री कोमल गुर्जर की तरफ से गंगोह विधायक किरत सिंह के खिलाफ बुलाई गई महापंचायत पुलिस-प्रशासन ने नहीं होने दी। लाठियां फटकार कर भीड़ को दौड़ाया। इसके बाद भीड़ एक सपा नेता के आवास पर इकट्ठा हुई। विवाद सुलझाने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। महिला नेत्री ने मीडिया से बात करते हुए विधायक पर परिवार के उत्पीड़न समेत गंभीर आरोप लगाए, लेकिन सबूत मांगने पर कहा कि समय आने पर दिखाएंगी। वहीं, महिला नेत्री को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
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पंचायत में पहुंचे लोगों को पुलिस ने खदेड़ा - फोटो : अमर उजाला
भाजपा महानगर महिला मोर्चा की जिला मंत्री कोमल गुर्जर ने गंगोह के तीतरो रोड स्थित एक गार्डन में महापंचायत का आह्वान कर रखा था। टकराव के आसार को देखते हुए पुलिस-प्रशसन ने महापंचायत को अनुमति नहीं दी थी। शुक्रवार को दिन निकलते ही पुलिस ने गार्डन पर ताला जड़ दिया था और गंगोह कोतवाल से लेकर एसडीएम खुद मौके पर मौजूद रहे। 
 

कुछ लोग महापंचायत के लिए पहुंचे, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें खदेड़ दिया। समर्थकों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। कुछ देर के लिए सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। इसके बाद भीड़ बाईपास मार्ग स्थित सपा नेता नक्षत्रपाल चौधरी के आवास पर इकट्ठा हुई। तभी कार सवार किसी अन्य महिला को कोमल गुर्जर समझकर पुलिस ने कार को अपने कब्जे में ले लिया और महिला समेत किसी अन्य स्थान पर ले गई।
 

ये लगाए आरोप
सपा नेता के आवास के बाहर मीडिया से बात करते हुए कोमल गुर्जर ने गंगोह विधायक पर परिवार के उत्पीड़न समेत कई गंभीर आरोप लगाए। कहा कि उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए। मीडिया के सबूत मांगने पर कहा कि समय आने पर दिखाएंगी। पुलिस पर भी महापंचायत में आने वाले लोगों के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए। 
 

मेरठ से आए मुखिया गुर्जर और देवबंद के मिरगपुर निवासी वीरेंद्र गुर्जर की अगुवाई में वहीं पर पंचायत करने की घोषणा की गई। निर्णय हुआ कि पांच सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जो दोनों पक्षों से बात कर निष्पक्ष फैसला लेगी। वहीं, पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। उधर, सपा नेता ने बताया कि इस विवाद से उनका कोई लेनादेना नहीं है। समाज के लोग उनके पास आए थे, इसलिए उन्होंने सहयोग किया।
वहीं, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी ने फेसबुक पर पोस्ट किया है। इसमें लिखा कि सम्मानित लोगों पर लाठीचार्ज और उनके घर पर पुलिस भेजकर उन्हें प्रताड़ित करना गलत है। इसकी निंदा करते हैं।
 
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ये बोले
इस प्रकरण को पार्टी हाईकमान के सामने रखा गया है। बिना वजह पार्टी की छवि खराब हो रही है। पार्टी हाईकमान की तरफ से कोमल गुर्जर को उनके पद से निष्कासित कर दिया गया है।
- डॉ. महेंद्र सैनी, जिलाध्यक्ष भाजपा

- पंचायत के लिए कोई अनुमति नहीं दी थी। इस वजह से पंचायत नहीं होने दी गई। तीन लोगों को मौके से पकड़ा गया था, जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है।
- सुरेंद्र सिंह, एसडीएम नकुड़



 
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