ट्रक में करीब 22 टन टमाटर लदा हुआ था, जिसकी आड़ में अफीम छिपाकर लाई जा रही थी। यह सप्लाई पंजाब में करते थे। पकड़े गए तस्करों में नसीब, जिला खां निवासी बसारा जिला संगरुर पंजाब और अरुण निवासी सडोवाल जिला बरनाला पंजाब है। इनके दो अन्य साथी अनिल निवासी मंदसौर और जसवीर अभी फरार है। इनकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
ऐसे करते थे अफीम की तस्करी
पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। मुख्य आरोपी नसीब ने बताया कि यह अफीम अरुण के कहने पर मंदसौर (मध्यप्रदेश) निवासी अनिल से ली गई थी। सौदे के अनुसार उसे व उसके हेल्पर को पांच हजार रुपये प्रति किलो देने की बात तय हुई थी।
अरुण ने बताया कि पंजाब में यह माल जसवीर को दिया जाना था, जिसे वह पहले से जानता है। कुछ ट्रक चालक डोडा खाते हैं। उनके माध्यम से जानकारी अनिल हुई थी, जो मंदसौर का रहने वाला है। वही अफीम देता है।
प्रति किलो पर 1500 रुपये अनिल देता था। जसवीर भी 500 रुपये से लेकर दो हजार रुपये प्रति किलो तक देता था। ट्रक में लोड टमाटर के बारे में चालक नसीब ने पूछने पर बताया कि कुल 22 टन टमाटर है, जो जालंधर मंडी में जाना था।