चकहरेटी में कुछ लोगों ने एक गोदाम किराए पर लेकर शेल्टर होम संचालित कर रखा था। बदबू आने पर गोदाम मालिक पहुंचा तो कुत्ते लाश बनकर सड़ रहे थे और पांच कुत्ते अधमरी हालत में थे।
चकहरेटी गांव में गोदाम को किराए पर लेकर एक सोसायटी और एनजीओ द्वारा चलाए जा रहे शेल्टर होम में करीब 15 कुत्तों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कई दिनों तक कुत्तों को खाना और पानी नहीं मिला। पता चलने पर संबंधित सोसायटी शेल्टर होम से अपना बोर्ड उतारकर गायब हो गए। वह घटना के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
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शेल्टर होम के लिए एक सोसायटी और उसके अधीन काम करने वाले एनजीओ ने चकहरेटी में समय सिंह सैनी का गोदाम किराए पर लिया था। 19 मई 2025 को यहां शेल्टर होम शुरू किया गया, जहां घायल और बीमार लावारिस कुत्तों को लाकर इलाज कराया जाता था। कुत्तों की देखभाल के लिए मजदूर रखे गए थे, जो खाना और पानी परोसते थे। शेल्टर होम कई दिन से बंद था।
गोदाम मालिक समय सिंह सैनी को शेल्टर होम से दुर्गंध आई तो उन्होंने उसे खोलकर देखा। अंदर कई कुत्ते मरे हुए थे, जबकि कई तड़प रहे थे। शेल्टर होम पर काम करने वाली किशोरी ने बताया कि संचालकों के नहीं होने की वजह से शेल्टर होम 20 दिन से बंद था।
सोमवार को सोसायटी के संचालक आए थे, जिन्होंने मरे हुए कुत्तों को पास ही दफनवाया था। बाकी बीमार कुत्तों को शेल्टर होम से निकालकर बाहर छोड़ गए थे, साथ ही शेल्टर होम पर लगा बोर्ड भी उतारकर ले गए हैं। उधर, एनजीओ संचालक एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। वह शेल्टर होम कई दिन तक बंद रहने की बात को अफवाह बता रहे हैं।
अप्रशिक्षित और किशोरों को काम पर लगाया
किशोरों ने बताया कि संचालक 15 दिन से नहीं आए थे। उसने बताया कि बीच में उसने दो बार शेल्टर होम खोला और बीमार कुत्तों को पानी और खाना दिया। एक बार चार दिन के बाद और दूसरी बार पांच दिन के बाद भोजन दिया गया। अन्य कई महिलाओं से भी शेल्टर होम में काम लिया गया।
ये बोले...
चकहरेटी में किसी एनजीओ द्वारा शेल्टर होम चलाने की सूचना अभी मिली है, जहां शेल्टर होम कई दिन तक बंद रहने के कारण कुत्तों की मौत हो जाने की बात सामने आई है। इस संबंध में यदि शिकायत मिलती है तो निगम नियमानुसार कार्रवाई करेगा। - डॉ. संदीप मिश्रा, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, नगर निगम