धर्मांतरण का मामला: मौलाना कलीम सिद्दीकी
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यूपी एटीएस द्वारा जबरन धर्मांतरण के आरोप में मेरठ से गिरफ्तार किए गए मौलाना कलीम सिद्दीकी का केस जमीयत उलमा-ए-हिंद ने लड़ने का एलान किया है। इसके लिए अधिवक्ताओं का पैनल तैयार किया गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने उम्मीद जताई कि जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। जबरन धर्मांतरण व विदेशों से फंडिंग के आरोप में मंगलवार की रात यूपी एटीएस ने मेरठ से मौलाना कलीम सिद्दीकी सहित चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। जिन्हें यहां से लखनऊ ले जाया गया।
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वहीं मौलाना कलीम की गिरफ्तारी के बाद से ही इस्लामिक हल्कों में हलचल मची हुई है। बुधवार को जमीयत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने एलान किया कि जमीयत की महाराष्ट्र इकाई इस केस की मजबूती के साथ पैरवी करेगी। सीनियर अधिवक्ता अबूबकर सबाक के नेतृत्व में वकीलों का पैनल बनाया गया है। बुधवार को उनके वकीलों ने बहस की। जिसके चलते कोर्ट ने मौलाना कलीम सिद्दीकी की रिमांड की मांग को खारिज कर दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई की जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
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वहीं, फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी ने मौलाना कलीम की गिरफ्तारी पर कहा कि कभी भी किसी व्यक्ति का जबरन धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा सकता है। यह केवल आस्था से जुड़ा मामला होता है।