सहारनपुर के चिलकाना से अपने गांव लौट रही किशोरी शाहीबा पर कुत्तों ने हमला कर दिया। इलाज के दौरान घायल किशोरी की मौत हो गई। एक माह में जनपद में खूंखार कुत्तों के हमले की यह चौथी घटना है।
गुरुवार की शाम को गांव नल्हेड़ा निवासी महमूद की 12 वर्षीय पुत्री शाहिबा अपनी सहेलियों के साथ चिलकाना से अपने गांव लौट रही थी। चिलकाना से बाहर निकलते ही कुत्तों के एक झुंड ने शाहिबा पर हमला कर घायल कर दिया।
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परिजन घायल शाहिबा को कस्बे में एक डॉक्टर के यहां इलाज के लिए ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने शाहिबा को घर भेज दिया। शुक्रवार की सुबह शाहिबा की तबीयत खराब होने लगी, तो उसे सहारनपुर में एक डॉक्टर के यहां भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शाहिबा की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के उसके शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
वफादार जानवर कहलाने वाले कुत्तें अब खतरनाक होते जा रहे हैं। रोजाना ये लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। आंकड़ें साफ बोलते हैं कि कुत्तें कितने जानलेवा साबित हो रहे हैं। सहारनपुर में एक महीने में ऐसी चार घटनाएं हो चुकी हैं।
इससे पहले भी हुई कई घटनाएं
पहली घटना- चिलकाना के गांव बुड्ढा खेड़ा में चार अप्रैल को कुत्तों ने छह साल की बच्ची शिफा को अपना निवाला बना लिया था।
दूसरी घटना- सात अप्रैल को तीतरों थाना क्षेत्र के गांव झाड़वन में लोकेंद्र की छह साल की बेटी कोयल को भी खूंखार कुत्तों ने अपना निवाला बनाया था।
तीसरी घटना- 17 अप्रैल को गांव बरथाकायस्थ पठेड निवासी 13 वर्षीय बालक जावेद पुत्र जब्बार चिलकाना से अपने गांव जा रहा था, तब कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया था।