सहारनपुर में दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतने पर मुजफ्फरनगर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक महेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। वर्ष 2019 के मुकाबले 2022 में ऑन रोड बसों की संख्या, डीजल औसत में गिरावट आ रही थी। निलंबन अवधि तक एआरएम को परिवहन निगम मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
मुजफ्फरनगर रोडवेज डिपो में साल 2019 से रोडवेज बसों की संख्या, बस उपयोगिता, अर्जित किलोमीटर, डीजल औसत में गिरावट आ रही थी। जिससे निगम को नुकसान झेलना पड़ रहा था। एआरएम महेंद्र सिंह को 12 जनवरी को कारण बताओ नोटिस दिया गया, लेकिन उन्होंने नोटिस का न तो जवाब दिया और न ही मुख्यालयों के निर्देशों का पालन किया। ऐसे में परिवहन निगम मुख्यालय ने एआरएम महेंद्र सिंह पर कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया।
सहारनपुर क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि मुजफ्फरनगर डिपो के एआरएम पर मुख्यालय से निलंबन की कार्रवाई हुई है। उन्हें मुख्य प्रधान प्रबंधक प्राविधिक परिवहन निगम मुख्यालय से संबद्ध किया है।
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दो डिपो पर नहीं एआरएम
परिवहन निगम परिक्षेत्र सहारनपुर में छह डिपो हैं, जिनमें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, खतौली, छुटमलपुर, शामली और गंगोह है। छुटमलपुर डिपो के एआरएम रहे विनोद मौर्य का पिछले साल प्रमोशन होने के बाद चित्रकूट का सेवा प्रबंधक बना दिया था। अब मुजफ्फरनगर डिपो के एआरएम निलंबित हो गए हैं। इस तरह से दोनों डिपो पर एआरएम नहीं हैं। दूसरे डिपो के एआरएम को चार्ज देकर काम चलाया जा रहा है।
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