जेल प्रशासन के अनुसार जब से योगेश जेल में आया है तब से बेचैन है। तनाव का बहाना बना रहा है। इसलिए जेल प्रशासन उस पर 24 घंटे निगरानी रख रहा है। उसकी आठ से दस दिन तक निगरानी रखी जाएगी। उसके बाद उसे जेल में ही काम आवंटित कर दिया जाएगा।
जेल में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, लकड़ी आइटम बनाने और पाकशाला में खाने बनाने का काम होता है। चर्चा है कि इनमें से योगेश को काम दिया जाएगा। उधर, जेल अधीक्षक सत्य प्रकाश ने बताया कि योगेश ने सरकारी अधिवक्ता मुहैया कराने की मांग की गई थी। हमने विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिख दिया है।