सहारनपुर सांसद इमरान मसूद ने कहा कि कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को राजनीतिक रंग न दिया जाए। मस्जिद के मालिकाना हक के पूरे सबूत हैं। उसी परिसर में मंदिर भी है। कल उसे भी हटाने की बात होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर हो या फिर मस्जिद, उनके हक के लिए अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। कांग्रेस सांसद अपने कैंप कार्यालय पर प्रेसवार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बेदखली से पहले मालिकाना हक तय होना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि खेवट में अभी भी नाम वाहिद खां और याकूब खां हैं। मस्जिद अपनी संपत्ति पर है। खसरा के हिसाब से मालिकाना हक तय नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अदालत में मस्जिद प्रबंधन का समर्थन कांग्रेस पार्टी करेगी। इस तरह के कदम शहर के माहौल को खराब करते हैं।
उन्होंने जौहर विवि पर बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किया। कहा कि यदि नक्शे नहीं भी हैं तो उसे नियमित किया जा सकता है। इससे हजारों छात्रों का भविष्य खराब होने से बच सकता है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि शिक्षा संस्थान को ध्वस्त न कराया जाए। कांवड़ यात्रा को लेकर कहा कि सहारनपुर की परंपरा रही है कि सभी समुदाय मिलकर कांवड़ियों का स्वागत करते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता इस साल भी सेवा शिविर लगाकर परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
इस दौरान प्रेसवार्ता में एमएलसी शाहनवाज खान, पूर्व विधायक मसूद अख्तर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेंद्र तनेजा, पूर्व प्रदेश सचिव प्रवीण चौधरी, सांसद प्रतिनिधि संदीप वर्मा, चेयरमैन इसरार चौधरी, जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा आदि मौजूद रहे। बता दें, कि तीन दिन पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को अवैध बताते हुए 30 दिन में हटाने का फैसला सुनाया था।
जिन्ना हमारा सबसे बड़ा दुश्मन
जिन्ना पर लेकर चल रही बयानबाजी पर पूछे गए सवाल के जवाब में सांसद इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस का जिन्ना से कोई संबंध नहीं है। हमारे लिए जिन्ना सबसे बड़ा दुश्मन है। हमारे पूर्वजों ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी है।
ये भी देखें...
UP: सहारनपुर के युवक की विकासनगर में हत्या, नदी में मिला शव, पिता बोले- घुमाने ले गए चार दोस्तों ने मार डाला