दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इससे पहले एनएचएआई ने ख्यावड़ी इंटरचेंज पर इसे पूरी तरह बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि बागपत के पास एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में बीटेक के दो छात्रों की मौत हो गई थी। इससे सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में फिनिशिंग और लाइटिंग का काम पूरा होने तथा प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण के बाद ही इसे खोला जाएगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को ख्यावड़ी इंटरचेंज पर कंकरीट के बैरिकेड्स सड़क के बीच में रखकर इसे सहारनपुर के लाखनौर तक वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। दरअसल, इस हिस्से पर अभी फिनिशिंग और लाइटिंग का काम चल रहा है। गूगल मैप का सहारा लेकर सफर करने वाले दिल्ली, नोएडा और अन्य जगहों के लोग यहां सड़क पर रखे अवरोधकों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
कई हादसे पहले भी हो चुके हैं, जिससे यात्रियों की जान को खतरा बना हुआ है। बागपत के हादसे के बाद एनएचएआई ने इसे वाहनों के लिए अचानक से बंद कर दिया। इस कारण दिल्ली से इस पर आने वाले वाहन चालकों को 10 से 15 किलोमीटर तक आगे जाने के बाद वापस लौटना पड़ रहा है। इससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। हालांकि लाखनौर से देहरादून तक इस पर वाहनों का संचालन हो रहा है।
210 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर देहरादून तक जाता है। लाखनौर में यह पुराने अंबाला पंचकूला हाईवे से जुड़ता है। प्रोजेक्ट मैनेजर शिवमोहन का कहना है कि एक्सप्रेसवे में अधूरे पड़े लाइट व फिनिशिंग आदि का कार्य चल रहा है, इसलिए बेरोकटोक दौड़ रहे सभी वाहनों को ख्यावड़ी इंटरचेंज से बैरियर लगाकर रोका गया है। केवल निर्माण कार्य में लगे वाहन ही चल सकेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण करने से पहले इसके सभी अधूरे काम पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद ही इसे ट्रायल के लिए खोला जाएगा। वहीं लोकार्पण से पहले एसपीजी डायरेक्टर ने एक्सप्रेसवे का दौरा कर सभी अवैध कट बंद कराने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें धीरे-धीरे बंद कराया जा रहा है।
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