मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने नए मदरसों को सरकारी अनुदान न देने के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह साफ करना चाहिए कि मदरसों को अनुदान नहीं देने का फैसला क्यों लिया गया?
नए मदरसों को सरकारी अनुदान न देने के फैसले पर उलमा ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। उलमा का कहना है कि प्रदेश सरकार को यह साफ करना चाहिए कि मदरसों को अनुदान नहीं देने का फैसला क्यों लिया गया?
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जमीयत दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि नए मदरसों को अनुदान नहीं दिए जाने के प्रदेश सरकार के फैसले के पीछे की क्या मंशा है। सरकार ने इसको स्पष्ट नहीं किया है। सरकार ने पहले से ही बहुत सारी चीजों पर रोक लगाई हुई है। अब सरकार ने पूर्ण रूप से अनुदान को बंद किया है, तो इसकी वजह भी बतानी चाहिए कि इसको किस बुनियाद पर बंद किया गया है।
कारी इस्हाक ने सवाल उठाया कि क्या सरकार के पास बजट नहीं है या फिर यह मदरसों से संबंधित मामला है। इसलिए इस पर रोक लगाई गई है। सरकार को इसके पीछे की वजह को साफ करना चाहिए।