जिले को 22 जोन और 216 सेक्टर में बांटा, 1377 बूथों पर होगी वेबकास्टिंग
लोकसभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्वक कराने के लिए जनपद को 22 जोन और 206 सेक्टर में बांटा गया है। इनमें से गंगोह को छोड़कर अन्य सभी विधानसभा क्षेत्रों में तीन- तीन जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जबकि गंगोह विधानसभा क्षेत्र में चार जोनल मजिस्ट्रेट निगरानी करेंगे।
चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए जिले के 2708 मतदेय स्थलों में से 1377 बूथों पर वेबकास्टिंग कराई जाएगी। इनमें बेहट के 208, नकुड़ के 194, सहारनपुर नगर के 230, और सहारनपुर देहात विधानसभा क्षेत्र के 190 मतदेय स्थलों पर वेबकास्टिंग होगी। इसके अलावा देवबंद के 197, रामपुर मनिहारान के 165 और गंगोह विधानसभा क्षेत्र के 193 बूथों पर भी वेबकास्टिंग कराई जाएगी।
जिले भर में पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों के 20 हजार जवान सुरक्षा की कमान संभाल रहे हैं। इसके तहत 613 बसाें से अर्धसैनिक बलों, पीएससी के जवानों के अलावा पुलिसकर्मी मतदान केंद्रों पर पहुंच गए। वहीं, संवेदनशील 450 मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात रहेगी। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। गुरुवार को एसएसपी ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
जिले में 1303 मतदान केंद्र और 2708 मतदेय स्थल हैं। गुरुवार को सीआरपीएफ, आईटीबी, पीएसी के जवान सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी बसों के जरिए मतदान केंद्रों पर पहुंच गए। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था जायजा लिया।
375 इलाके संवेदनशील चिह्नित
जिले में पुलिस ने संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले 375 इलाके चिह्नित किए हैं। इन इलाकों में पुलिस के अलावा चप्पे-चप्पे पर अर्ध सैनिक बलों के जवान भी तैनात रहेंगे। मतदान के दौरान सोशल मीडिया पर 52 टीमें नजर रखेंगी।
मतदान को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान मतदान केंद्रों पर पहुंच गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और जवान तैनात रहेंगे। सोशल मीडिया की 52 टीमें निगरानी करेंगी। -डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी
12 प्रकार के पहचान पत्र दिखाकर वोटर कर सकेंगे मतदान
लोकसभा चुनाव में आज मतदान का दिन है। निर्वाचन आयोग ने मतदान बढ़ाने के लिए मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र के 12 विकल्प भी दिए हैं। मतदाता 12 प्रकार के पहचान पत्र दिखाकर वोट डाल सकेंगे। इसके चलते फोटो पहचान पत्र नहीं होने के बावजूद भी किसी मतदाता को मतदान से वंचित नहीं रहना पड़ेगा।
सहायक निर्वाचन अधिकारी हरिकृष्ण शर्मा ने बताया कि मतदान प्रतिशत बढ़ाना निर्वाचन आयोग की प्राथमिकता है। इसके चलते मतदाता 12 प्रकार के पहचान पत्र दिखाकर मतदान कर सकते हैं। इनमें आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंकों एवं डाकघरों द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, और एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड शामिल हैं।
इनके अलावा फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र, राज्य सरकार, लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनियाें द्वारा अपने कर्मचारियों को फोटो युक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड आदि को भी पहचान पत्र के विकल्प के तौर पर प्रयोग किया जा सकता है। मतदान करने के लिए वोटर को मतदाता पर्ची के साथ वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से किसी एक को साथ ले जाना अनिवार्य होगा।