अरुण कुमार ने कहा कि मौजूदा सरकारी तानाशाह हो रही है। इलेक्टरल बॉन्ड जैसे घोटाले हो रहे हैं लेकिन कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। आशु का कहना था कि सरकार इस तरह की व्यवस्था लाइव जिससे पेपर लीक होने की घटनाएं बंद हो। मितांशु का कहना था की सरकार है चुनाव के दौरान ही तमाम वैकेंसी निकलती हैं और लालच देकर वोट हथियाना चाहती है ऐसा नहीं होना चाहिए। हर साल वैकेंसी निकालनी चाहिए।
सत्ता का संग्राम में मतदाताओं ने भ्रष्टाचार, सुरक्षा, विकास व जनसंख्या के मुद्दे पर खुलकर अपने विचार रखे। अमित गुप्ता, डॉ. एके बंसल, शील गाेयल व राकेश मित्तल ने कहा कि उम्मीद है कि जो भी सरकार बनेगी, वह जनता से किए वादों पर खरा उतरेगी। कानून व्यवस्था सुधरी है। अब पुलिस प्रशासन अलर्ट रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंख्या का सबसे बड़ा मुद्दा है, जिस पर काम होना बहुत जरूरी है।
एक मतदाता ने कहा कि आज मोदी जी जिस विकास यात्रा को लेकर चल रहे हैं। वह नरसिम्हा राव लेकर आए थे, वहीं पॉलिसी हैं जिनको वह आगे लेकर चल रहे हैं।
मतदाता ने कहा कि बेघरों को घर दिए गए, लॉ एंड ऑर्डर देखें, महिलाएं सुरक्षित हैं। कांग्रेस ने सत्तर वर्ष में बहुत कुछ दिया लेकिन जरूरी नहीं कि राजा के घर सुयोग्य व्यक्ति पैदा हो, यही वजह है कि विपक्ष की शून्यता है। खाली सहारनपुर की बात नहीं है देश को यदि ऊपर ले जाना है तो मजबूत सरकार चाहिए। मजबूत सरकार के लिए मजबूत प्रधानमंत्री की आवश्यकता है।
ढेर सारे मुद्दो के बीच बड़ा मुद्दा क्या है, चाहे वह राम मंदिर हो, सीएए हो, या विपक्ष का मुद्दा है वह आपके हिसाब से क्या है, जिस पर आप वोट देंगे। इस पर लोगों का कहना है कि सरकार ने कोई ऐसा मुद्दा ही नहीं छोड़ा, अनावश्यक रूप से मुद्दे बनाकर उछाले जाते हैं। मोदी सरकार ने काम किया है।
सहारनपुर का चुनाव किधर जाएगा इसे लेकर लोगों का कहना था कि सहारनपुर का चुनाव मौजूदा सरकार की तरफ है, इन्होंने काम किया है, सरकार ने महिलाओं को सुरक्षित माहौल दिया है।
एक मतदाता ने कहा कि ऐसी कोई सरकार नहीं है, जो 100 फीसदी भ्रष्टाचार रोक दे। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों पर अभी कंट्रोल नहीं है। सिस्टमैटिक करप्शन है, इसे रोकने की जरूरत है। वहीं, चाय पर चर्चा में जुड़े लोगों ने सभी लोगों से मतदान करने की अपील की।
एक मतदाता ने कहा कि जनसंख्या कानून पर काम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा है जनसंख्या का।
एक मतदाता ने कहा कि कांग्रेस ने भी देश को 70 में बहुत कुछ दिया है।
एक मतदाता ने कहा कि सरकार में लॉ एंड ऑर्डर में बहुत सुधार हुआ है। अब पुलिस प्रशासन अलर्ट है।
डबल इंजन की सरकार में महिलाएं सुरक्षित हैं, यह आज तक किसी सरकार में नहीं है, महिलाएं और बेटियां भय के माहौल में नहीं जी रही हैं।
एक मतदाता ने कहा कि भाजपा सरकार ने काम किया है। जो काम 70 साल में नहीं हुआ, वो इस सरकार ने 10 साल में कर दिखाया।
वहीं, एक मतदाता ने कहा कि कोरोना काल में वैक्सीन अमृत बनकर मिली थी। भाजपा सरकार ने लोगों को आवास मिले। गरीब लोगों के लिए राशन मिल रहा है। क्षेत्र के विकास हुआ है।
एक मतदाता ने कहा कि आज योगी जी के नेतृत्व में हम होली और दिवाली अच्छे से मना रहे हैं, जहां कहना योगी जी का है कि जहां पहले कर्फ्यू लगता था, आज वहां होली और दिवाली अच्छे से मनाई जाती है।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का संबंध सिंधु घाटी सभ्यता से बताया जाता है। 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां से बहुजन समाज पार्टी जीती थी। इस बार यहां मुकाबला भाजपा के राघव लखनपाल शर्मा और कांग्रेस-समाजवादी पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी इमरान मसूद के बीच माना जा रहा है। बसपा ने माजिद अली को यहां से मैदान में उतारा है।
सहारनपुर के मतदाता और खासकर युवा सरकार और अपने लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवारों के बारे में क्या सोचते हैं, उनके क्या मुद्दे और आकांक्षाएं हैं, मतदाताओं के मुद्दों पर नेताओं और उम्मीदवारों का क्या कहना है, वे किन मुद्दों को लेकर चुनाव में उतरे हैं? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ ''सत्ता का संग्राम'' 28 मार्च को सहारनपुर में दिन भर रहेगा।
https://videocdn.amarujala.com/live#mute?Loksabha