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Saharanpur: कोमल के आरोप झूठे, विधायक को क्लीन चिट! समिति की प्रेस वार्ता से पहले गुर्जर भवन में हंगामा

Sat, 26 Jul 2025 09:16 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

सहारनपुर में गंगोह विधायक कीरत सिंह पर कोमल चौधरी द्वारा लगाए गए आरोपों को समिति ने सबूतों के अभाव में खारिज किया। समिति की प्रेस कांफ्रेंस से पहले कोमल ने गुर्जर भवन में हंगामा किया और आत्महत्या की कोशिश की।

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गंगोह विधायक की प्रेस कांफ्रेंस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहारनपुर जनपद में गंगोह विधायक कीरत सिंह प्रकरण में चल रहे विवाद का शनिवार को छह सदस्यीय समिति ने गुर्जर भवन में प्रेस कांफ्रेंस कर पटापेक्ष कर दिया। कोमल चौधरी की तरफ से कोई सबूत पेश नहीं करने पर समिति ने विधायक को क्लीन चिट दे दी गई। हालांकि इस दौरान कोमल चौधरी ने गुर्जर भवन में पहुंचकर हंगामा किया और छत पर चढ़कर आत्महत्या करने की कोशिश भी की।

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प्रेस कांफ्रेंस करते हुए मुखिया गुर्जर ने कहा कि कोमल चौधरी की तरफ से विधायक पर लगाए गए आरोपों के आधार पर तीन बिंदुओं की जांच की गई। पहला बिंदू था कि पारिवारिक झगड़े और राजनैतिक विवाद में समिति ने कहा कि विधायक किसकी सहायता करते हैं और किसका विरोध या उनका व्यक्तिगत और राजनैतिक मामला है।

विधायक पर लगाए गए चरित्रहीनता के आरोप पर कहा कि कोमल चौधरी इस संबंध में कोई सबूत पेश नहीं कर सकी। जांच समिति ने पाया कि विधायक पर लगाए गए आरोप निराधार और झूठे हैं। यह भी माना कि विधायक की छवि खराब करने के लिए यह साजिश रची जा रही है।

तीसरे बिंदू पर विधायक के पक्ष में पूर्व में हुई एक पंचायत में मोनू पंडित नाम के व्यक्ति ने कोमल चौधरी को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। इस पर मोनू पंडित ने समिति के सामने आकर माफी मांगी। समिति ने कहा कि अब यह प्रकरण खत्म हो गया है।

यह भी किया अनुरोध
जांच समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि इस फैसले के बाद अगर कोई पक्ष विवाद पैदा करता है तो समिति उसके साथ खड़ी नहीं होगी और समाज से भी अनुरोध किया कि वह भी पक्ष में न आए। समिति में चंद्रशेखर, बिजेंद्र पंवार, सुनील पंवार, वीरेंद्र सिंह, अजय खटाना, जनार्दन सिंह शामिल थे।
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छत पर चढ़कर आत्महत्या करने पहुंची कोमल चौधरी
प्रेस कांफ्रेंस की सूचना मिलते ही कोमल चौधरी गुर्जर भवन में पहुंच गई। प्रेस कांफ्रेंस तीसरी मंजिल पर थी। कोमल चौधरी ने विधायक पर फिर संगीन आरोप लगाए और एक पेन ड्राइव दिखाते हुए कहा कि इसमें सबूत हैं, लेकिन विधायक को सामने आना होगा।

समिति के मांगने पर उन्होंने सबूत दिखाने से मना कर दिया और रोते हुए गुर्जर भवन की छत पर पहुंच गई। धमकी दी कि वह आत्महत्या करेंगी। हालांकि किसी तरह समझाकर उन्हें नीचे लाया गया। इस दौरान वह बेहोश हो गई, जिनका प्राथमिक उपचार कराया गया। उधर, कोमल चौधरी का कहना है कि उनकी बात किसी ने नहीं सुनी। सभी ने मिलकर विधायक को बचाया है।

ऐसे समझें मामला
भाजपा महानगर महिला मोर्चा की जिला मंत्री कोमल चौधरी ने गंगोह विधायक पर संगीन आरोप लगाए थे। आरोप था कि झूठे मुकदमें दर्ज कराकर उनके परिवार का उत्पीड़न किया जा रहा है। मामला तूल पकड़ने पर 25 जून को गंगोह विधायक के पक्ष में पंचायत हुई थी, जिसमें मोनू पंडित ने कोमल को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। इसके बाद कोमल चौधरी ने 27 जून को गंगोह में महापंचायत का आह्वान किया। हालांकि पुलिस ने महापंचायत नहीं होने दी। उस समय यह छह सदस्य समिति बनाई गई थी। भाजपा ने कोमल चौधरी को निष्कासित कर दिया था।
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