आठ साल पूर्व पत्नी की गला घोटकर हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने जगदेई गांव निवासी पति अरुण को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा की सुनाई है।
गांव जगदेई निवासी अरुण की शादी बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव सावंतखेड़ी निवासी देशराज की बेटी कविता के साथ हुई थी। शादी के करीब साढ़े चार माह बाद 25 अगस्त 2018 को अरुण ने दहेज में एक लाख रुपये और बाइक की मांग पूरी न होने पर पत्नी कविता की घर के अंदर गला घोंटकर हत्या कर दी थी। किसी व्यक्ति ने फोन पर कविता के मायके वालों को जानकारी दी थी। परिजन कविता की ससुराल पहुंचे, जहां उन्हें कविता का शव घर के अंदर पड़ा मिला।
मृतका के पिता देशराज ने थाना देवबंद में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कविता की मौत गला दबाने के कारण होने की पुष्टि हुई थी। मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रहा था। बुधवार को इस मामले में अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेंद्र नाथ सिंह ने फैसला सुनाया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अरुण को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा दी। अर्थदंड न देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।