भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की टीम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ सहायक राकेश कुमार को मलेरिया विभाग कार्यालय से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी वरिष्ठ सहायक मृतक आश्रित कोटे से नौकरी की पत्रावली आगे बढ़ाने के लिए रुपये मांग रहा था।
बेहट रोड निवासी शशिबाला स्वास्थ्य विभाग में एएनएम के पद कार्यरत थी, जिसकी करीब चार साल पहले कोरोना से मौत हो गई थी। शशिबाला की दो बेटी हैं। उसकी बेटी को मृतक आश्रित में नौकरी मिलनी थी। आरोप है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक राकेश कुमार चार साल से उसकी फाइल को आगे बढ़ाने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
कई बार उसे रुपये भी दिए गए। उसके बाद भी पीड़ित को परेशान किया जा रहा था। इसके बाद शशिबाला के दामाद नवादा निवासी मनोज कुमार ने एंटी करप्शन थाने में पहुंचकर शिकायत की। शुक्रवार को एंटी करप्शन की टीम ने वरिष्ठ सहायक को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और स्वास्थ्य विभाग कार्यालय पहुंची। मलेरिया कार्यालय में पीड़ित से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते वरिष्ठ सहायक राकेश कुमार को रंगेहाथ पकड़ लिया।
टीम उसे थाना सदर बाजार लेकर पहुंची और केस दर्ज कराया। एंटी करप्शन प्रभारी जसपाल सिंह ने बताया कि आरोपी राकेश कुमार मूलरूप से बरेली के इज्जतनगर का रहने वाला है। पांच नवंबर 1999 में नियुक्ति हुई थी। उसकी 2021 से सहारनपुर में ही तैनाती है। वह फिलहाल सीएमओ कार्यालय में स्थापना का पटल देख रहा था।