ग्रामीणों को आता देख गुलदार खेतों की तरफ भाग गया। ग्राम प्रधान मुनेश रानी ने बताया कि गुलदार के हमले के बाद से ग्रामीण अपने खेतों की तरफ जाते हुए भी डर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गुलदार द्वारा बछड़े का शिकार किए जाने के बाद उन्होंने अपनी पंचायत के पांचों मजरों आमवाला, रेतगढ़, गभलियो, झींवरहेडी और पिलखनी में मुनादी तथा एलाउंसमेट करा कर लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
प्रधान पति विनोद सैनी ने बताया कि उन्होंने घटना के बाद वन विभाग को सूचना दे दी थी लेकिन दोपहर बाद तक भी काेई गांव नहीं पहुंचा। बता दें कि इस गांव में छह माह पहले भी गुलदार द्वारा किसान की गाय और बकरी को अपना निवाला बना लिया गया था।
उस वक्त विभाग द्वारा पिंजरा लगाया गया था लेकिन गुलदार पकड़ा नहीं गया था। ग्रामीणों कबूलचंद सैनी, कंवरपाल सिंह, प्रमोद कुमार और संजय कुमार ने पिंजरा लगा कर गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
टीम गांव में भेजी गई है। मृत बछड़े का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सक से कराया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि उसकी मौत गुलदार के हमले में हुई है। पग चिन्ह भी तलाश किए जाएंगे। यदि गुलदार की आमद की पुष्टि होती है तो जरुरी एतिहाती कदम उठाएं जाएंगे। -मनोज कुमार बलोदी, वन क्षेत्राधिकारी मोहड़ रेंज