उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को मुश्किल में डालकर किसानों के खिलाफ झूठे मुकदमे लिखने का काम करती है, लेकिन किसान सरकार के झूठे झूठे मुकदमों से नहीं डरता, अपना हक लेना जानता है।
सोमवार को हरियाणा के पीपली जाते समय सरसावा में रुके राकेश टिकैत ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि हरियाणा में हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानों के ऊपर लाठीचार्ज करना सरकार की कमजोरी है, जो सही बात को दबंगई के जोर पर दबाना चाहती है लेकिन किसान संगठित हैं जो आंदोलन कर सरकार को नीतियां बदलने पर मजबूर कर देंगे।
सरसावा से किसान यूनियन से जगतार सिंह, भूपेंद्र सिंह भोला जगजीत सिंह आदि राकेश टिकैत के साथ पंचायत में शामिल होने के लिए पीपली रवाना हुए।