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Saharanpur: एटीएस ने उठाए डॉ. आदिल अहमद के पांच करीबी, घंटों की पूछताछ में ये निकलकर आया सामने

Sun, 16 Nov 2025 01:28 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

डॉ. आदिल अहमद को छह नवंबर को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद से पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस के साथ ही एटीएस जिले में डेरा डाले हुए हैं। उसके नेटवर्क की परतें खंगाली जा रही हैं। 
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डॉ. आदिल अहमद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आतंकी कनेक्शन में गिरफ्तार डॉ. आदिल अहमद के नेटवर्क की परतें खुलने के साथ पुलिस व खुफिया एजेंसियों की सक्रियता और बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश एटीएस ने सहारनपुर शहर, देवबंद और शामली से पांच संदिग्ध उठाए हैं। इन्हें गोपनीय स्थान पर ले जाकर पूछताछ की गई। यह सभी डॉ. आदिल के करीबी बताए जा रहे हैं। वहीं, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीम भी डेरा डाले हुए है।
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एटीएस और खुफिया विभाग की टीमें लगातार डॉ. आदिल के कनेक्शन तलाशने में जुटी हुई है। अब तक जितने भी संदिग्ध व्यक्तियों को उठाया गया, उनके मोबाइल, लैपटॉप, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की बारीकी से जांच चल रही है। 
 

पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस को इनपुट मिला था कि सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में आदिल के संपर्क में रहने वाले कुछ लोग सक्रिय हैं। आदिल के मोबाइल में कुछ कश्मीरी छात्रों के नंबर मिले हैं। उनकी भी जांच चल रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आदिल ने सहारनपुर में अपना ठिकाना क्यों बनाया और यहां वह किस तरह की गतिविधियां संचालित कर रहा था। 
 

शनिवार को उत्तर प्रदेश एटीएस ने देवबंद, शामली और शहर में अलग-अलग इलाकों से पांच लोगों को हिरासत में लिया है। उन्हें एटीएस एकांत स्थान पर ले गई। यहां पर उनसे घंटों पूछताछ की गई। जिन लोगों को एटीएस ने उठाया है, वह आदिल के करीबी बताए जा रहे हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर के रहने वाले लोगों का भी ब्योरा खंगाला जा रहा है।
 

दुबई में चिकित्सक है आदिल का भाई, उसकी भी गतिविधि संदिग्ध
डॉ. आदिल की गिरफ्तारी और दिल्ली धमाके के बाद रोज नए खुलासे हो रहे हैं। ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। जांच में सामने आया कि डॉ. आदिल का भाई मुजफ्फर दुबई में है, जो मानसिक रोग विशेषज्ञ है। उसकी गतिविधियों की जांच चल रही है। पांच साल से सक्रिय बताया जा रहा है। हालांकि स्थानीय स्तर पर पुलिस इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है।
 

छह नवंबर को डॉ. आदिल अहमद की सहारनपुर से गिरफ्तारी हुई थी। उसे जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, उसके कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं। उसका एक भाई दुबई में मानसिक रोग विशेषज्ञ है। बताया जा रहा है कि डॉ. मुजफ्फर पड़ोसी राज्य में बैठे हैंडलर और आतंकी मॉड्यूल के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता था। वह फंडिंग से लेकर विदेशी यात्रियों की योजना, टिकट बुकिंग और पूरा खर्च करता था।
 

उसके निर्देश पर करीब तीन साल से डॉक्टरों का नेटवर्क रॉ मैटीरियल इकट्ठा कर रहा था। डॉ. आदिल के मोबाइल से कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। उसने अपने भाई से कब-कब बात की। इसके साथ ही वह आखिरी बार अपने भाई से मिला। इसका भी ब्योरा जुटाया जा रहा है। वहीं आदिल के पास से मिली एके-47 का भी कनेक्शन तलाश रही है।
 

डॉ. परवेज से मिलने वालों की कुंडली खंगाल रही सुरक्षा एजेंसी
सुरक्षा एजेंसियां डॉ. परवेज सईद अंसारी से जिले में मिलने वालों की कुंडली खंगाल रही है। क्लीनिक चलाने के दौरान वह किन-किन लोगों के संपर्क में रहा। उसके करीबी लोग कौन हैं। उससे मिलने के लिए कौन आता था। यह सब जानकारी जुटाई जा रही है। उसके कुछ लोगों से अच्छे संबंध बताए जा रहे हैं।
 

फरीदाबाद मॉड्यूल और दिल्ली धमाके से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए डॉ. परवेज सईद अंसारी का जिले में देहरादून चौक पर करीब पांच साल पहले क्लीनिक होता था। उसने एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा से एमडी की पढ़ाई की थी। वर्ष 2015 में एमडी की पढ़ाई पूरी होने पर सीनियर रेजिडेंट के पद पर सेवाएं दी। क्लीनिक पर परवेज से मिलने के लिए लोग आते थे। वह किन लोगों के अधिक संपर्क में था। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। 
 
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जांच एजेंसियां सहारनपुर में उसके करीबियों के बारे में पता लगा रही है। वह शुरू के दिनों में पत्नी और बेटी के साथ सहारनपुर आ गया था। बाद में उसकी पत्नी बेटी को लेकर बिहार चली गई थी। पत्नी के कई बार कहने पर भी परवेज परिवार के साथ बिहार में रहने नहीं गया। परवेज अकेले ही रहने लगा था। कभी-कभी ही उसके परिचित मिलने आते थे। उसके यहां बैंक खातों का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है। उसने कब-कब किस खाते लेनदेन में किया है।
 
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