डॉ. आदिल अहमद
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आतंकी गतिविधियों में शामिल डॉ. आदिल अहमद की गिरफ्तारी के बाद जिले में किरायेदारों का सत्यापन अभियान तेज हो गया है। पांच दिन में चार हजार से अधिक किरायेदारों का सत्यापन हो चुका है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से मुस्लिम इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
छह नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. आदिल अहमद को पकड़ा था। उसकी गिरफ्तारी के चार दिन बाद ही दिल्ली में धमाका हुआ था। आदिल भी मानकमऊ में किराये के मकान में रहता था। आदिल की गिरफ्तारी और दिल्ली धमाके के बाद जिले में किरायेदारों का सत्यापन किया जा रहा है। सभी थानों की पुलिस डोर-टू-डोर जाकर लोगों का भौतिक सत्यापन कर रही है।
पुलिस टीमें किरायेदारों, पीजी निवासियों और घरेलू सहायकों के पहचान पत्र, किरायानामा, पिछला पता, मोबाइल नंबर सहित सभी संबंधित दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही हैं। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी और गश्त बढ़ाई गई है। अभियान के दौरान पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए सत्यापन के महत्व के प्रति जागरूक भी कर रही है।
15 से 19 नवंबर तक 2539 किरायेदारों और 1494 नौकरों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। एसएसपी आशीष तिवारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी नए किरायेदार, पीजी निवासी या घरेलू सहायक को रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
सत्यापन अभियान के बिंदु
- सभी थानों द्वारा क्षेत्रवार डोर-टू-डोर सत्यापन
- किरायेदार एवं नौकरों से संबंधित दस्तावेजों की जांच
- संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त गश्त
- संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष सतर्कता
- मकान मालिकों को अनिवार्य पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया समझाना