जिले में जगह-जगह पेड़ टूटकर गिरने से कई लोग और बच्चे घायल हो गए। वहीं बृहस्पतिवार शाम तक लाइट नहीं आ सकी थी। बिजली कर्मी व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटे थे।
बुधवार रात आई दस मिनट की आंधी ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया। मिर्जापुर में पेड़ गिरने से गांव भोजपुर निवासी शहजाद (32) की मौत हो गई। विद्युत लाइनों पर पेड़ टूटकर गिरने से तहसील बेहट के 70 गांवों की बिजली गुल हो गई। छुटमलपुर में सड़क पर पेड़ गिरने के कारण देहरादून हाईवे चार घंटे तक बाधित रहा।
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टूटे खंभों और लाइन को दुरुस्त करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
देर रात आंधी के बाद जगह-जगह हल्की बुंदाबांदी हुई। गंदेवड़-हथनीकुंड बैराज रोड पर यमुना नदी में चल रहे बाढ़ सुरक्षा निर्माण कार्य कर लौट रहे शहजाद पुत्र बुद्धू पर रायेपुर के पास सड़क किनारे खड़ा पेड़ टूटकर गिर गया। देहरादून हायर सेंटर ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बिना कानूनी कार्रवाई के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
इसके साथ ही बेहट के समर मेले में आंधी में झूले का जाल ऊपर गिरने से मेला संचालक संजय खान की पत्नी अलीशा (25), बेटे तनवीर (2) और दो अन्य बच्चे चोटिल हो गए। इनका सीएचसी पर उपचार कराया गया।
आंधी से विद्युत लाइनों पर टूटकर गिरे पेड़ों की वजह से विद्युत उप स्टेशन के पथरवा, शाकंभरी देवी, चको, हरिपुर, पीटी डब्ल्यू पथरवा व गंदेवड़ फीडरों से जुड़े 42 गांवों की आपूर्ति 17 घंटे ठप रही। बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे ही विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी।
छुटमलपुर में फतेहपुर सीएचसी के सामने खड़े ट्रक पर भारी भरकम पेड़ जा गिरा। ट्रक चालक फतेहपुर निवासी धारा सिंह चंद मिनट पहले ही ट्रक से निकला था, अन्यथा उसकी जान पर बन आती। पेड़ की चपेट में आकर तोता टांडा बिजलीघर को सप्लाई देने वाली लाइन के तीन खंभे टूट गए तथा दून हाईवे बाधित हो गया। आधी रात के बाद पेड़ हटाए जाने पर आवागमन शुरू हो सका।
उधर, लाइन टूटने से बृहस्पतिवार शाम पांच बजे तक बिहारीगढ़ कस्बे सहित 18 गांवों की बिजली गुल पड़ी थी। इसके अलावा फतेहपुर सीएचसी और दर्जन भर अन्य गांवों की बिजली भी रात भर गुल पड़ी रही। जेई अभिषेक राज ने बताया कि देर शाम तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।