मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव पाड़ली ग्रंट में चाचा के घर के बाहर खेल रही पांच साल की मासूम बच्ची हलीमा को आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया। कुत्तों ने उसे नोंच रखा था।
पाड़ली ग्रंट निवासी बुरहान की बेटी हलीमा (5) शुक्रवार शाम रजबहे के किनारे बच्चों के साथ अपने चाचा खुशरान के मकान के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान आवारा कुत्तों का झुंड आया और हलीमा पर टूट पड़ा। कुत्ते हलीमा के शरीर को बुरी तरह से नोच रहे थे। उसके चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन बाहर की तरफ दौड़े। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से लाठी-डंडे लेकर कुत्तों को दौड़ाया।
इसके बाद परिजन लहूलुहान हालत में हलीमा को लेकर चिकित्सक के यहां पहुंचे। मरहम पट्टी व अन्य उपचार के बाद परिजन उसे घर ले आए, जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही मृतक बच्ची के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। परिजनों ने बताया कि कुत्तों ने बच्ची के शरीर को कई जगह से नोच रखा था।
हाथ से बेबस थी हलीमा, कुछ दिन पहले ही टूटी थी हड्डी
आवारा कुत्तों का शिकार बनी मासूम हलीमा का कुछ दिन पहले हाथ टूट गया था। उसके हाथ पर प्लास्टर हुआ था, जिस कारण वह बेबस थी। हलीमा के पिता बुरहान मजदूरी करते हैं। तीन भाई-बहनों में हलीमा सबसे छोटी थी। चाचा खुशरान ने बताया कि हलीमा का बड़ा भाई अहमद दिव्यांग हैं।
चार साल पहले भी 12 साल के बच्चे को मार दिया था
इस गांव में कुत्तों के आतंक की यह पहली घटना नहीं है। चार साल पहले भी इस गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने शादाब के 12 साल के बेटे आमिर को नोंच दिया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी।