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Saharanpur: देवबंद में फर्जी दस्तावेजों पर रेलवे से हड़प लिए 60 लाख रुपये, जानें कैसे रचा खेल...

सार

मोहल्ला पठानपुरा निवासी अलताफ खान ने दो महिलाओं समेत आठ आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रेलवे को चूना लगाया गया।
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फ्रॉड। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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फर्जी दस्तावेजों के आधार पर देवबंद में जमीनों को कब्जाने का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। नया मामला रेलवे विभाग से 60 लाख रुपये फर्जी दस्तावेजों की बुनियाद पर हड़पने का प्रकाश में आया है। इसमें दो महिलाओं समेत आठ लोगों के विरुद्ध पुलिस ने केस दर्ज किया है। 
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पुलिस ने मोहल्ला पठानपुरा निवासी अलताफ खान की तहरीर पर धोखाधड़ी का ये मामला दर्ज किया है। इसमें पठानपुरा (लाम) निवासी राहत, इकराम खान, सरफराज, मो. सफत खान, शाहनवाज खान, हयात खान, शहनाज खान और उसकी बेटी खुशनसीब खान को नामजद किया है। अलताफ ने बताया कि मोहल्ले का रहने वाला मेहर खां कृषि भूमि चक संख्या 1158 के मूल गाटा संख्या 348 रकबई 0-7-0 बिस्से पुख्ता में मालिक था। करीब 40 वर्ष पूर्व वह देवबंद छोड़कर चला गया था। इस दौरान रेलवे विभाग ने मेहर खां की भूमि का अधिग्रहण कर लिया था। 
 
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मेहर खां की कोई औलाद नहीं थी। आरोपियों ने इसका लाभ उठाते हुए मरे हुए व्यक्ति रियासत को मेहर खां की औलाद दर्शाते हुए नगर पालिका से उसका मृत्यु प्रमाण पत्र हासिल कर लिया और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एसीओ द्वारा भूमि में अपनी विरासत दर्ज करा ली। जिसका इस्तेमाल कर उन्होंने रेलवे विभाग से उक्त भूमि का करीब 60 लाख रुपये मुआवजा ले लिया। इस खेल में उक्त लोगों ने मृतक रियासत की पत्नी शहनाज और बेटी खुशनसीब को भी शामिल कर लिया। अलताफ ने यह भी बताया कि मामले में कई बार उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की गई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पूरे मामले में केस दर्ज होने के बाद फर्जी दस्तावेजों से रेलवे विभाग से मुआवजा हड़पने वालों में हडकंप मचा हुआ है।
 
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