इंस्पेक्टर प्रवेश कुमार ने बताया कि सरला देवी अपने इकलौते बेटे लोकेश के साथ घर पर रहती थी। लोकेश गंगाजल लेने हरिद्वार गया हुआ है। परिजन उसे लेने के लिए रवाना हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि वे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
कच्चे मकान की छत गिरी, घरेलू सामान दबकर हुआ नष्ट
बड़गांव में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही भारी बरसात के कारण क्षेत्र के गांव किशनपुरा में कच्चे मकान की छत भरभरा कर नीचे गिर गई। गनीमत यह रही कि उस समय परिवार के लोग घर के आंगन में पड़े छप्पर में बैठकर चाय नाश्ता कर रहे थे। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
गांव जड़ौदा पांडा के मजरे किशनपुरा निवासी बृहमपाल अपनी पत्नी सुरेशो व बच्चों के साथ बुधवार की सुबह करीब नौ बजे घर के परिसर में पड़े छप्पर के नीचे चाय नाश्ता कर रहे थे। इसी बीच बरसात के कारण पीछे बने कच्चे मकान की छत भरभराकर नीचे गिर गई। मकान में रखा सामान छत के मलबे के नीचे दबकर नष्ट हो गया। जिसके चलते पीड़ित का करीब एक लाख का नुकसान हुआ है।
गनीमत यह रही कि परिवार के लोग बाहर आंगन में बैठे थे, नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। पीड़ित ने तहसील प्रशासन से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। उधर, ग्राम प्रधान शालू त्यागी ने मौके पर पहुंचकर हाल-चाल जाना और मदद कराने का आश्वासन दिया है।
उधर, दल्हेड़ी गांव में उपाध्याय समाज की कच्ची बैठक भराभराकर नीचे गिर गई। गमीनत रही कि उस समय बैठक में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। नहीं यहां भी बड़ा हादसा हो सकता था।
हिंडन नदी उफान पर, शिमलाना के कई घरों में घुसा पानी
हिंडन नदी के उफान पर आने के कारण नदी किनारे बसे शिमलाना गांव में निचली आबादी के कई घरों में पानी भर गया है। वहीं, कईं लोगों के घरों के भीतर पानी है, जिससे उनका घरेलू सामान खराब हो गया है। ग्रामीण अपने घरों से पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं।
नदी का जलस्तर बढ़ता देख मंगलवार की रात ही कई परिवार वहां से निकल गए थे। ग्राम प्रधान काका राणा का कहना है कि घरों में नदी का पानी भरने से कुछ लोगों का घरेलू सामान दूसरी जगह शिफ्ट कराया गया है। उन्होंने बताया कि गांव की नदी क्षेत्र में हजारों बीघा गन्ने की फसल बर्बाद हो चुकी हैं। नदी किनारे बना गांव का श्मशान घाट भी पूरी तरह से जल मग्न है।
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