छुटमलपुर में पावर काॅरपोरेशन के अधिकारी एवं एमएलसी उमर अली खान।
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छह साल से लंबित चल रहा बिजली बिलों के भुगतान का मामला एमएलसी उमर अली खान की मौजूदगी में विद्युत निगम अफसरों और ग्रामीणों की वार्ता के बाद सुलझ गया है। तय किया गया कि उपभोक्ताओं से वर्ष 2010 से दिसंबर 2015 तक का बकाया बिल ग्रामीण दरों से वसूल किया जाएगा।
बता दें कि छह वर्ष पहले विद्युत निगम की ओर से छुटमलपुर में उपभोक्ताओं के घरों पर विद्युत मीटर लगाए गए थे। इसके बाद से शहरी दरों पर बिल भेजे जाने लगे थे। उपभोक्ताओं ने छुटमलपुर के ग्राम पंचायत होने के चलते ग्रामीण दरों के अनुसार बिजली आपूर्ति मिलने की बात कहते हुए शहरी दरों पर बिलों के भुगतान से मना कर दिया था।
इसके विरोध में धरना प्रदर्शन और बाजार बंदी तक हुई थी। इसके बाद से ही विद्युत बिलों के भुगतान का मामला अधर में लटका हुआ था। इसके चलते उपभोक्ताओं पर विभाग का करोड़ों रुपये बकाया में चल रहा है। इस मामले को लेकर अधिकारियों और उपभोक्ताओं के बीच कई बार वार्ताएं हुई, लेकिन स्थायी रूप से कोई समाधान नहीं निकल सका।
सोमवार को नए सिरे से चौधरी राज सिंह साध, प्रधान पति फैजान मिर्जा, विकास गुप्ता, अंकित वर्मा और राजेश राणा की मध्यस्थता में पंचायत भवन पर विद्युत अधिकारियों और उपभोक्ताओं की बैठक हुई। इसमें विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता अरविंद त्यागी, अधिशासी अभियंता आरके गुप्ता, एसडीओ प्रवभ हरित गौतम आदि रहे।
एमएलसी उमर खान की मौजूदगी में शुरू हुई समझौता वार्ता में उपभोक्ता पूर्व की भांति इस बार भी शहरी दरों पर बिलों का भुगतान न करने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद तय किया गया कि पिछला बकाया दिसंबर 2015 तक ग्रामीण दरों पर ही वसूला जाएगा। ग्रामीणों ने जर्जर तारों को बदलने, डबल ग्रुप में 18 घंटे बिजली देने की मांग रखी। अधीक्षण अभियंता अरविंद त्यागी ने जनवरी माह से 18 घंटे बिजली देने, पुराने तारों को बदलने और नए मीटर लगाने का आश्वासन दिया।