सहारनपुर। रूट निर्धारित होने के बावजूद ई-रिक्शा के संचालन को लेकर हो रही अवैध वसूली को लेकर सोमवार को हुए हंगामे के बाद मंगलवार को इस मामले में प्रशासन, परिवहन विभाग के अफसरों से संचालकों के साथ वार्ता की। अफसरों ने आश्वासन दिया कि वे नियमों से ई-रिक्शा संचालित करें। उनका उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। इसके साथ ही रूट नंबर आवंटन के साथ ही कलर कोडिंग के लिए सभी रूटों से ई-रिक्शों की सूची तलब की गई है।
सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि नगर में ई-रिक्शा संचालन के संबंध में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) और ट्रैफिक पुलिस और ई-रिक्शा संचालकों के साथ वार्ता की गई। कुछ संचालकों ने बताया कि ई-रिक्शा चालकों से रूट आवंटित करने के नाम पर अवैध धनराशि ली जा रही है और अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर क्षेत्र में ई-रिक्शा संचालन के क्रम में निर्धारित रूट पर ई-रिक्शा के आवंटन के लिए रूट नंबर आवंटित होंगे। उनकी कलर कोडिंग की जाएगी। इस कार्य में ई-रिक्शा संचालन के प्रतिनिधि भी सहयोग करेंगे। उनके द्वारा निर्धारित रूट पर चलने वाली ई-रिक्शों की कलर कोडिंग कराकर उन पर रूट नंबर व ई-रिक्शा नंबर अंकित कराएंगे और रूटवार सूची बनाकर उनके कार्यालय में उपलब्ध कराएंगे।
अंदरुनी कालोनियों में बढ़ी लोगों की परेशानी
- यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए ई-रिक्शों के नए रूट तो निर्धारित कर दिए गए। मगर नई व्यवस्था में अंदरूनी कालोनियों के निवासियों को परेशानी हो रही है। पहले ई-रिक्शा संचालक यात्री की मर्जी के मुताबिक किसी भी कालोनी तक चले जाते थे। मगर अब निर्धारित रूटों तक ही संचालन हो पा रहा है। इसके चलते परेशानी बढ़ी है। इसका असर इन दिनों बोर्ड एग्जाम दे रहे परीक्षार्थियों पर पड़ रहा है। इस रूट सिस्टम के कारण उन्हें कई बार दो-दो बार ई-रिक्शा या टेंपो से सफर करना पड़ रहा है। कुछ संचालकों ने भी यह मांग की है कि ज्यादा सवारियां और जरूरत पड़ने पर ऐसे क्षेत्रों में जाने की भी अनुमति दी जाए।