इसके बाद गूगल मैप ने उन्हें एक संपर्क मार्ग पर सहारनपुर के लिए शाॅर्टकट दिखाया। रात करीब आठ बजे विनोद कुमार ने अपनी गाड़ी उसी रास्ते पर घुमा दी। करीब 10 किमी चलने के बाद रास्ते पर बरसाती नदी आ गई। नदी में पानी नहीं था, लेकिन पत्थरों की वजह से ऊबड़-खाबड़ था, जिससे कार को निकालना मुश्किल था। ऐसे में गूगल मैप ने पास से ही दूसरा रास्ता दिखाया।
इसी तरह रात करीब 11 बजे तक इधर-उधर भटकते रहे। आखिर में वह बिहारीगढ़ के पास हाईवे पर पहुंचे और अपने परिचित से संपर्क किया। तब परिचित ने रास्ता बताया और वह रात 12 बजे तक घर पहुंचे। बता दें, कि पिछले माह गूगल मैप के कारण बरेली में बड़ा हादसा भी हो गया था। जहां अधूरे पुल पर रास्ता दिखाया और कार सवार तीन दोस्त पुल से नीचे गिर गए।