छुटमलपुर(सहारनपुर)। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड से सटी पहाड़ियों से भूस्खलन की आशंका को देखते हुए एनएचएआई करीब 600 मीटर हिस्से पर ढलान स्थिरीकरण का कार्य करेगा। इसके लिए एलिवेटेड रोड की सहारनपुर से देहरादून जाने वाली एक साइड का डेढ़ किमी हिस्सा आठ जून तक वाहनों के लिए बंद रहेगा। इसके लिए एनएचएआई ने रूट डायवर्जन प्लान जारी कर दिया है। देहरादून से आने वाले वाहनों को इस अवधि में पुराने पहाड़ी मार्ग से निकाला जाएगा।
बता दें, कि एलिवेटेड रोड का करीब डेढ़ किमी का हिस्सा पहाड़ियों को काट कर निकाला गया है। पिछली बरसात में आधा दर्जन स्थानों पर पहाड़ियों से भूस्लखन होकर मलबा सड़क पर आ गिरा था। उस वक्त एलिवेटेड रोड वाहनों के लिए खोली गई थी। उसके बाद इसकी स्थाई तौर पर मरम्मत नहीं की जा सकी थी। गत 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण के वक्त केवल ग्रीन नेट लगा कर इन पहाड़ियों को ढक दिया गया था। अब बरसात का मौसम आने वाला है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा के लिए इन पहाड़ियों की मरम्मत करनी जरूरी है।
इसके दृष्टिगत शनिवार से एनएचएआई द्वारा इस पर निर्माण कार्य शुरू किया जाना है। शुकवार को रूट डायवर्जन के साइनेज लगाने का काम दिन भर जारी रहा। शनिवार सुबह से एक्सप्रेसवे के अंतर्गत डाट काली मंदिर से गणेशपुर के बीच 12 किमी एलिवेटेड रोड पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा। देहरादून से दिल्ली जाने वाले वाहनों को मोहंड के पुराने मार्ग से गुजारा जाएगा, जबकि जो वाहन देहरादून की तरफ जा रहे हैं, उन्हें अपनी दाई लेन को छोड़कर बाई लेन पर सफर करना होगा।
डायवर्जन आठ जून तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान पहाड़ी सतहों की स्केलिंग, ढीले पत्थरों और अतिरिक्त मलबे को हटाने का काम किया जाएगा, ताकि भविष्य में भूस्खलन या पत्थर गिरने जैसी घटनाओं से बचा जा सके। विभाग का लक्ष्य है कि मानसून शुरू होने से पहले यह काम पूरा कर लिया जाए।
- सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई