इमाम सहारनपुर और जमीयत दवतुल मुसलीमीन के सरबराह कारी सैयद इसहाक गोरा की ओर से शुरू की हेल्पलाइन में रोजेदारों ने रविवार को सवाल पूछे। हेल्पलाइन से जानकारी लेने वालों को बताया गया कि रमजान अल्लाह की इबादत का ख़ास महीना है। जिसमें मुसलमानों को गुनाहों से तोबा कर इबादत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रमजान में रोजे रखना इस्लाम के 5 अरकानों में से एक है। रोजेदारों के लिए बनाई गई हेल्पलाइन में पूछे गए कुछ ख़ास सवाल और उनके जवाब।
सवाल : बेहट से हेदर अली ने पूछा कि उसे सांस का रोग है जिस कारण उसे अक्सर इनहेलर और नाक से दी जाने वाली दवा का प्रयोग करना पड़ता है, रोजे पर असर न आए, इसका प्रयोग कर सकते हैं?
जवाब : जी नहीं! अगर कोई व्यक्ति सांस का मरीज है और नाक में दवा का प्रयोग करता है तो उससे उसका रोजा टूट जाएगा।
सवाल : रेशम ने सरसवा से पूछा कि वह सहरी में उठ नहीं पायी और पूरे दिन उसने रोजे की नियत भी नहीं की परंतु पूरे दिन भूखी प्यासी रही, इफ़्तारी के बाद रोजे की नियत का ख्याल आया, ऐसे में उसका रोजा लगा या नहीं?
जवाब : रोजे के लिए नियत शर्त है अगर किसी ने रोजे का इरादा न किया और तमाम दिन कुछ खाया पिया नहीं, तो रोजा न होगा।
सवाल : दिलशाद कुरैशी ने लोहानी सराय से पूछा है कि मैं रोजे से हूं, मेरे दांतों में खाने का रेजश (अंश) फंसा हुआ था मैने उसको निगल लिया, क्या इस तरह करने से मेरा रोजा टूट गया?
जवाब : अगर रोजेदार के दांतों में चने से कम कोई चीज फंसी हुई हो और वह उसे मुंह से निकाले बगैर निगल ले, तो उससे रोजा नहीं टूटेगा।
सवाल : सलमा ने देवबंद से जानना चाहा है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को जकात अदा करे, ये शरीयत में कहां तक सही है?
जवाब : पत्नी को अगर पति जकात अदा करता है तो ये जायज नहीं और न ही जकात अदा होगी।
ऐसे पूछ सकते हैं सवाल
हेल्पलाइन नंबर 9897399207, 9319462031,9319309995, 8932636608 के बारे में कारी इसहाक़ गोरा ने कहा कि रोजेदार इन नंबरों पर दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक फ़ोन कर के अपने सवालों के जवाब ले सकते हैं। 3:00 बजे के अतिरिक्त अगर किसी रोजेदार को सवाल पूछना है तो वह ई-मेल पर ishaqgora@gmail.com एवं helplineishaqgora@yahoo.com पर अपना नाम पता और मोबाइल नंबर अंकित कर दें। आपको जवाब स्वयं दे दिया जाएगा।