सहारनपुर। होली पर ट्रेनों की किल्लत और रोडवेज बसों में यात्रियों की मारामारी की संभावना को देखते हुए परिवहन निगम ने सभी संविदा चालकों और परिचालकों को निर्देश दिए हैं कि अड्डों या रास्ते के स्टापेज पर अधिक से अधिक यात्रियों को लिया जाए। रोडवेज बसें यात्रियों को छोड़कर नहीं जाएंगी।
रोडवेज सहारनपुर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक जगदीश सिंह ने बताया कि होली के त्योहार पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए प्रोत्साहन योजना भी लागू की गई है। इसके तहत छह से 15 मार्च तक लगातार बसें संचालित करने और यात्रियों को सफर कराने पर नियमित और संविदा श्रेणी के चालकों-परिचालकों को एक समान प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इन दिनों ट्रेनों की किल्लत का पता चला है। इसलिए सभी चालकों-परिचालकों से यह भी कहा गया है कि वे यात्रियों के लोड बढ़ने की स्थिति पर लगातार फीडबैक देते रहें ताकि जरूरत पड़ने पर बसों के फेरे या जरूरत वाले रूट पर गाड़ियों को बढ़ाया जा सके।
रोजाना 35500 यात्री करते हैं सफर
सहारनपुर रोडवेज डिपो से संचालित बसों से रोजाना करीब 35500 यात्रियों को सफर कराया जाता है। इनमें 315 बसें रोडवेज की हैं, जबकि 55 बसें अनुबंधित श्रेणी की हैं। ये बसें रोजाना करीब 60 हजार किलोमीटर तक की दूरी तय करती हैं। होली पर यात्रियों की संख्या बढ़कर 50 हजार या इससे ऊपर तक पहुंचने की संभावना है।
- 300 किलोमीटर प्रतिदिन से अधिक दूरी तक बसें चलाने और नौ दिन तक लगातार काम करने पर एकमुश्त 3150 रुपये दिए जाएंगे
- 300 किलोमीटर प्रतिदिन से अधिक दूरी और दस दिन तक लगातार काम करने पर 4000 रुपये एकमुश्त दिए जाएंगे
- वर्कशॉप कर्मचारियों के लिए भी नौ दिन तक लगातार काम करने पर एक हजार रुपये और दस दिन तक लगातार काम करने पर 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।