सहारनपुर। पंजाब में किसान आंदोलन के चलते ट्रेनों का संचालन पहले से ही गड़बड़ाया हुआ है, दूसरी तरफ दूसरे चरण के मतदान ने यात्रियों को परेशानी में डाल दिया। दरअसल, किसानों का 17 अप्रैल से पंजाब के शंभू में रेलवे ट्रैक पर धरना चल रहा है। इसके चलते रेलवे को ट्रेनें निरस्त करने के साथ-साथ रूट बदलकर चलाना पड़ रहा। बृहस्पतिवार को 14816 ऋषिकेश-श्रीगंगानगर इंटरसिटी एक्सप्रेस, 04523 सहारनपुर-नंगलडैम मेमू एक्सप्रेस, 14681 नई दिल्ली-जालंधर सिटी सुपर एक्सप्रेस, 04502 ऊना हिमाचल-हरिद्वार मेमू एक्सप्रेस, 12054 अमृतसर-हरिद्वार जनशताब्दी एक्सप्रेस निरस्त रही। वहीं, लोकसभा चुनाव के मतदान में परिवहन निगम के सहारनपुर, छुटमलपुर, मुजफ्फरनगर और खतौली डिपो की 218 बसें चली गई हैं। रेलवे स्टेशन पर लेट ट्रेनों ने यात्रियों को इंतजार कराया।
- 17 घंटे लेट पहुंची गंगा सतलुज एक्सप्रेस
बृहस्पतिवार को फिरोजपुर-धनबाद गंगा सतलुज एक्सप्रेस 17 घंटे, अमृतसर-हावड़ा मेल 16 घंटे, शहीद कैप्टन तुषार महाजन उधमपुर-सूबेदारगंज एक्सप्रेस 14:32 घंटे, अमृतसर-गोरखपुर समर स्पेशल 6:45 घंटे, जम्मूतवी-वाराणसी बेगमपुरा एक्सप्रेस पौने पांच घंटे, श्रीमाता वैष्णों देवी कटरा-गाजीपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस चार घंटे और कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस दो घंटे देरी से पहुंची।
ट्रेनें लेट होने से रोजी रोटी पर संकट
ट्रेनों के लेट होने से कुली भी परेशान हो गए। रोजी रोटी पर संकट आ गया। कुली लोकेश ने बताया कि पिछले नौ दिन से ट्रेनें 10 से 15 घंटे तक लेट आ रही है। ऐसे में रेलवे स्टेशन पर रहकर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा। रोजाना परेशानी हो रही।
क्या बोले यात्री
- मुरादाबाद निवासी शकील का कहना था कि किसान आंदोलन के कारण ट्रेनों के लेट चलने से काफी परेशानी हो रही है। वह जैसे-तैसे हेमकुंड एक्सप्रेस से सहारनपुर पहुंचे। जहां से वह दूसरे ट्रेन का टिकट लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचे। चार घंटे तक सहारनपुर में ही रहना पड़ा।
- बिंदर सिंह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर पांच घंटे से खड़े थे। उनका कहना था कि वह बराड़ा से सहारनपुर आए, लेकिन यहां से ट्रेन को बदलना पड़ा। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
- संजय भारद्वाज अमृतसर-कोलकाता दुर्गियाना एक्सप्रेस से गया जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर दो घंटे पहुंच गए थे। उन्हें पता था कि पंजाब में किसान आंदोलन चल रहा है, जिसकी वजह से ट्रेनें लेट चल रही। इसलिए उन्हें समय से पहले स्टेशन पहुंचना पड़ा।
- मुरादाबाद निवासी हरपाल भी हेमकुंड एक्सप्रेस से सहारनपुर तक पहुंचे। सुबह से दोपहर तक का समय रेलवे स्टेशन पर बिताया। इसके बाद दूसरी ट्रेन का सहारा लेना पड़ा और अपने गंतव्य तक गए।
पंजाब में किसान आंदोलन के चलते कई ट्रेनें प्रभावित है। कुछ ट्रेनों को निरस्त किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों को रूट बदलकर चलाया जा रहा है।
- मनदीप सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला मंडल