फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: मच्छरों पर हर दिन 25 हजार खर्च, फिर भी मार रहे डंक

Fri, 26 Apr 2024 05:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। मच्छरों का खात्मा करने में नगर निगम नाकाम साबित हो रहा है। अकेले फॉगिंग पर प्रतिदिन 25 हजार रुपये से अधिक खर्च करने के बाद भी महानगर के ज्यादातर क्षेत्रों में न तो फॉगिंग होती नजर आ रही है। न ही मच्छर कम हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने इसे लेकर पड़ताल की। इसमें नाले और नालियों में बड़ी संख्या में लार्वा मिला। साथ ही कुछ ऐसे भी वार्ड मिले जहां पर फागिंग ही नहीं हुई।
विज्ञापन

अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को शहर के कई क्षेत्रों में जाकर पड़ताल की। जैन काॅलेज रोड पर पुलिस लाइन की दीवार से सटे नाले में जगह-जगह लार्वा नजर आया। जिला अस्पताल की दीवार से सटे नाले में भी बड़ी संख्या में लार्वा तैरता मिला। लिंक रोड पर छोटा नाला है, लेकिन उसमें भी जगह जगह लार्वा मिला। चकराता रोड पर नवाबगंज के पास लार्वा नजर आया। पुराना कलसिया रोड पर भीष्मनगर से आगे नाले में बड़ी संख्या में लार्वा पनप रहा है। यह स्थिति तब मिली जब नगर निगम एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ ही फॉगिंग भी करा रहा है। एक अप्रैल से लगातार फॉगिंग चल रही है। बने रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन दस वार्डों में फॉगिंग कराने का दावा है। चूंकि कुल 70 वार्ड हैं। ऐसे में आठवें दिन में प्रत्येक वार्ड का दूसरी बार नंबर आना चाहिए। 26 दिन फॉगिंग शुरू हुए हो चुके हैं, लेकिन ज्यादातर वार्डों में अभी तक एक या दो बार ही फॉगिंग हुई है। ऐसा पार्षद कह रहे हैं।
जन प्रतिनिधियों की बात
-वार्ड 24 में नगर विधायक भी रहते हैं। पार्षद राजीव का कहना है कि अभी तक एक ही बार फॉगिंग हुई है। एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं हुआ है। पूरा क्षेत्र मच्छरों के प्रकोप से परेशान है।
विज्ञापन

-वार्ड 28 के पार्षद आसिफ ने बताया कि उनके क्षेत्र में अभी तक एक बार फॉगिंग कराई गई है। एंटी लार्वा का छिड़काव अभी नहीं हुआ है। नाले और नालियों में लार्वा है। मच्छर पनप रहे हैं।
-वार्ड 30 के पार्षद नीरज शर्मा ने बताया कि अभी तक उनके वार्ड में एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं हुआ है, जबकि नालों में मच्छरों के अंडे लार्वा में बदल चुके हैं। बड़ी संख्या में मच्छर हैं।

तीन चौपहिया वाहन और 16 बाइकें कर रही काम
नगर निगम ने कुल 19 गाड़ियां फॉगिंग के लिए लगाई हुई हैं। इनमें तीन बड़ी गाड़ियां यानी चौपहिया वाहन हैं, जबकि 16 बाइकें हैं, जिन पर मशीन लगी है। बड़ी गाड़ी को फॉगिंग के लिए प्रतिदिन 24 लीटर डीजल और तीन लीटर पेट्रोल दिया जाता है, जबकि बाइक को प्रतिदिन दस लीटर डीजल और 2.5 लीटर पेट्रोल दिया जाता है। इस प्रकार तीन बड़ी गाड़ी के डीजल और पेट्रोल पर प्रतिदिन 7,335 रुपये और छोटी गाड़ियों के डीजल और पेट्रोल पर प्रतिदिन 18,200 रुपये खर्च हो रहे हैं। इस प्रकार सभी 19 गाड़ियों से फॉगिंग पर 25,535 रुपये खर्चे जा रहे हैं, जबकि डीजल के साथ मिलाई जाने वाली दवा इससे अलग है। एंटी लार्वा का खर्च भी इससे अलग है।
फॉगिंग के लिए पूरी ईमानदारी के साथ काम किया जा रहा है। मॉनिटरिंग भी की जा रही है। अब यह फॉगिंग करने वाले कर्मचारी पर भी निर्भर करता है कि वह ईमानदारी से काम करे। इसके अलावा जहां लार्वा पनप रहा है वहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा।
विज्ञापन

-डॉ. रमेशचंद गुप्ता, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें