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Saharanpur News: रोडटेप राहत की मियाद नजदीक, निर्यातकों की बढ़ी धड़कनें

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सहारनपुर। निर्यातकों को रोडटेप (रेमिशन ऑफ ड्यूटीज एंड टैक्सेज ऑन एक्सपोर्टेड प्रोडक्ट) के तहत मिलने वाली राहत की मियाद 30 सितंबर को समाप्त हो रही है। समयसीमा न बढ़ने पर जिले के निर्यातकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
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जिले से वुडन हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र में सबसे अधिक निर्यात होता है। केंद्र सरकार द्वारा निर्यातकों को राहत देने के उद्देश्य से कोरोना काल में एक जनवरी 2021 को यह योजना शुरू की गई थी। इसके तहत निर्यातकों को विदेश में भेजे जाने वाले उत्पादों की कीमत पर सरकार की ओर से राहत दी जाती है। यह राहत हर उत्पाद पर अलग-अलग है। जिले से बड़ी संख्या में वुडन हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद निर्यात होते हैं। रोडटेप और ड्यूटी ड्रॉबैक मिलाकर जिले के निर्यातकों को करीब दो से सवा दो फीसदी तक सब्सिडी मिलती है। इनसे फ्यूल सरचार्ज, अतिरिक्त ड्यूटी टैक्स आदि का खर्चा निकल जाता है।
केंद्र सरकार द्वारा जारी योजना की मियाद 30 सितंबर को समाप्त हो रही है। निर्यातकों को उम्मीद है सरकार जल्द ही इस पर फैसला लेगी। वहीं अगर सरकार द्वारा इसे आगे नहीं बढ़ाया जाता तो जिले के निर्यातकों को बड़ा झटका लगेगा। वैसे भी युद्ध, कोरोना काल के बाद से जिले का निर्यात लगातार घट रहा है। पिछले वित्त वर्ष में जिले से करीब 400 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है।
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बोले निर्यातक
आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रमोद सदाना ने बताया कि रोडटेप से मिलने वाली मदद निर्यातक और कारोबारियों के लिए काफी फायदेमंद है। इससे अन्य खर्चे निकल जाते हैं। ईपीसीएच भी इसकी मियाद बढ़वाने के संबंध में प्रयासरत है।
-निर्यातक और उद्यमी मयंक अग्रवाल ने बताया कि रोडटेप की समयसीमा को बढ़ाना न सिर्फ निर्यातक बल्कि एमएसएमई के लिए भी फायदेमंद होगा। युद्ध और वैश्विक परिस्थितियों के बीच सरकार की यह मदद निर्यात के लिए संजीवनी की तरह है।
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