ॉलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करते राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता
सहारनपुर। प्रदेश सरकार द्वारा गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित नहीं किए जाने से खफा राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर तहसील सदर के नायब तहसीलदार पंकज कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि आम बजट में भी किसानों को कोई राहत नहीं मिली है।
मंगलवार को हकीकत नगर स्थित धरना स्थल एकत्र होकर रालोद कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदेश महासचिव चौधरी धीर सिंह और जिलाध्यक्ष राव कैसर ने कहा कि पिछले डेढ़ माह से राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता गांव- गांव जाकर गन्ना मूल्य घोषित कराने की मांग को लेकर किसानों से मुख्यमंत्री को पत्र लिखवा रहे हैं। बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री कार्यालय में किसानों के पत्र पहुंचने के बाद भी इस किसान विरोधी सरकार ने अभी तक गन्ना मूल्य की घोषणा नहीं की है, जबकि पेराई सत्र शुरू हुए करीब चार महीने हो चुके हैं। उन्होंने सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम तीन सूत्री ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तत्काल गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित करने, अवारा पशुओं से किसानों की फसलों को बचाने का प्रभावी उपाय करने, और ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र में आलू निर्यात केंद्र की स्थापना और आलू का लाभकारी मूल्य निर्धारित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो रालोद आंदोलन करेगा। इस दौरान रजनीश चौहान, हरपाल बाल्मीकि, भूरा मलिक, गजेंद्र चौधरी, राव मोहसिन,हाजी सलीम, मनोज वर्मा, सतपाल कालड़ा, नितिन कपिल, सोमप्रकाश शर्मा, राव आरिफ, राव शाकिर, रिहान प्रधान, अतुल फंदपुरी आदि मौजूद रहे।