रालोद छोड़कर आसपा में आए राव कैसर को सदस्यता ग्रहण 
सहारनपुर। 26 साल से रालोद से जुड़े पूर्व जिलाध्यक्ष राव कैसर सलीम ने पार्टी को अलविदा कह दिया। उन्होंने सोमवार को दिल्ली में आजाद समाज पार्टी कांशीराम का दामन थाम लिया। पार्टी बदलते ही उन्होंने रालोद पर उसूलों से समझौता करने का आरोप लगाया। पार्टी छोड़ने की मुख्य वजह भी इसी को बताया।
राव कैसर सलीम ने बताया कि वह पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को अपना आदर्श मानते हैं। उनके राजनीतिक जीवन और समाज में उनके योगदान तथा चौधरी अजित सिंह के विचारों से प्रभावित होकर वह 1999 में रालोद से जुड़े थे। तब से लगातार पार्टी की सेवा करते रहे हैं। पार्टी ने भी उन्हें सम्मान दिया। जिलाध्यक्ष सहित कई पदों पर रहते हुए पार्टी की सेवा करने का मौका मिला। आरोप लगाया कि बीते कुछ समय से उन्होंने महसूस किया कि पार्टी अपने उसूलों और एजेंडे से भटक रही है।
पार्टी प्रमुख एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उन्हें पटका पहनाकर पूरे सम्मान के साथ पार्टी में शामिल किया है। रालोद करीब डेढ साल से पार्टी तीन धड़ों में बंटी थी। इनमें एक धड़ा मौजूदा जिलाध्यक्ष शाहजमां खान और प्रदेश महासचिव चौधरी धीर सिंह के साथ है। दूसरा खेल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नीरपाल के साथ है, जबकि तीसरा धड़ा राव कैसर सलीम का था। राव कैसर सलीम के साथ पूर्व जिला उपाध्यक्ष फरमान राव, राव सलीम जजनैर, राव मेहरबान, नानौता चेयरमैन अफजाल खान, गुरु महिपाल दास, पृथ्वीराज, इमरान खान, राज सिंह आदि आसपा की सदस्यता ली।