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Saharanpur News: नदियों में उफान, घंटों कटा रहा गांवों का संपर्क

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मिर्जापुर/छुटमलपुर/शाकंभरी। शिवालिक की पहाड़ियों में हुई तेज बारिश के बाद शाम के वक्त घाड़ की सभी नदियों में पानी का तेज बहाव आ गया। मिर्जापुर क्षेत्र में शफीपुर नदी, बादशाहीबाग नदी, पाडली नदी, शाहपुर गाड़ा और जाटोवाला नदी और बिहारीगढ़ क्षेत्र की हिंडन में पानी का तेज बहाव आने से घंटों गांवों का संपर्क कटा रहा। लोग किनारों पर खड़े होकर पानी कम होने की बांट जोहते नजर आए।
पुराना दिल्ली-देहरादून हाईवे दूसरे दिन भी नहीं खुल सका। उधर, सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में भी शाम के वक्त जल स्तर बढ़ने से श्रद्धालुओं को भूरा देव पर ही रोकना पड़ा।
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मिर्जापुर क्षेत्र के गांव शाहपुर गाडा एवं पाडली नदी के किनारों पर किसानों की उपजाऊ भूमि में भारी कटाव हो गया है। इसमें किसानों की कई बीघा जमीन नदी में समा गई। वहीं शाहपुर गाड़ा नदी एवं पाडली नदी, खुवासपुर नदी पर आने-जाने वाले राहगीर फंस गए और घंटों तक पानी कम होने का इंतजार करते रहे। गांव खुवासपुर की नदी में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग की मरम्मत न होने से ग्रामीणों को कई किमी दूरी तय कर गांव से बाहर आना पड़ रहा है।
बिहारीगढ़ क्षेत्र में हिंडन नदी में पानी का तेज बहाव आने से सोमवार शाम पांच बजे से देर रात तक सुंदरपुर-शाकंभरी देवी मार्ग बंद पड़ा था। इसके चलते चालीस से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। रविवार सुबह पहाड़ का मलबा आने से बंद हुआ दिल्ली-देहरादून हाईवे सोमवार को भी नहीं खोला जा सका है।
देर शाम एक युवक नदी में बह गया, जिससे ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाल लिया। मोहंड के वनक्षेत्राधिकारी लव सिंह ने बताया कि उत्तराखंड की साइड वाले पहाड़ से भी मलबा और कुछ पेड़ सड़क पर गिरे हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से वार्ता की थी। उन्होंने बारिश रुकने के बाद रास्ता साफ कराने की बात कही है।
शाकंभरी देवी में सोमवार सुबह नदी का जलस्तर सामान्य रहने के कारण पुलिस ने श्रद्धालुओं को पैदल सिद्धपीठ तक जाने की अनुमति दी थी। शाम होते-होते बारिश के बाद अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया जिसके चलते पुलिस को श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकनी पड़ी।
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पुलिस ने आनन-फानन में सिद्धपीठ में मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। शाम 4:30 बजे के बाद किसी को भी मंदिर की तरफ नहीं जाने दिया गया। भूरादेव नदी पर मौजूद श्रद्धालुओं को वापस भेज दिया गया।
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