सहारनपुर। महानगर में वर्ष 2014 में गुरुद्वारे की जमीन को लेकर हुए दंगे के मामले में अदालत में सुनवाई हुई। अपर जिला सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 की अदालत ने बचाव पक्ष द्वारा दाखिल किए गए प्रार्थनापत्र पर सुनवाई की।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनवार सिद्दकी ने अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। कहा कि मामले में आबिद पुत्र याकूब के स्थान पर आबिद पुत्र लियाकत निवासी कमेला काॅलोनी को आरोपी बनाया गया है। उसके ही खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया गया है। उन्होंने कहा कि आबिद पुत्र लियाकत निवासी ढोलीखाल थाना कुतुबशेर विवेचना के दौरान सामने आया है। नाम की समानता के आधार पर दो व्यक्तियों को अभियोजन एक व्यक्ति बता रहा है।
प्रार्थनापत्र पर सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि आरोप पत्र के दूसरे पेज पर विवेचक द्वारा विवेचना घटना स्थल में क्रमांक चार पर आरोपी आबिद है। इसमें पिता का नाम अंकित नहीं है। 18 अक्तूबर 2014 को आरोप पत्र दाखिल हुआ है। सभी केस डायरी में आबिद पुत्र याकूब अंकित है। आरोपी आबिद पुत्र याकूब ने अपर जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में भी अपने जमानत प्रार्थनापत्र आबिद पुत्र लियाकत के नाम से ही दिया है।
उच्च न्यायालय में आरोपी आबिद पुत्र लियाकत के नाम से रिट दाखिल कर जमानत आदेश प्राप्त किए हैं व शपथ पत्र भी दाखिल किया है। कहा कि आरोप पत्र बनाते समय भी आरोपी ने यह प्रश्न नहीं उठाया, साथ ही चार्ज शीट के बाद उच्च न्यायालय में दूसरी बार जमानत के लिए भी वहां भी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। अभियोजन पक्ष ने कहा कि वाद को जानबूझकर लंबित अपनाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।