दो सरकारी दवाएं भी अधोमानक मिलीं
विभाग ने जनता रोड स्थित वेयर हाउस और एसबीडी जिला अस्पताल से भी दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे थे। इनमें से दो दवाओं के नमूने अधोमानक पाए गए हैं। दोनों ही दवाएं एंटीबायोटिक बताई गई हैं। अधिकारी ने बताया कि दवाएं पूरी तरह सही थी, लेकिन पुरानी होने की वजह से उनकी गुणवत्ता का प्रतिशत कम हो गया था।
दवाओं से संबंधित 63 मामले कोर्ट में विचाराधीन
नकली दवाओं की पुष्टि होने के बाद विभाग मामला कोर्ट में दायर करता है, जहां से संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन नकली दवाओं से संबंधित 63 मामले अभी कोर्ट में विचाराधीन हैं। हालांकि इस मामले में मेडिकल स्टोर संचालकों के विरुद्ध जल्द कार्रवाई होने की उम्मीद है।
हमने मेडिकल स्टोरों और जिला अस्पताल आदि से दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भेजे थे। इनमें से नौ नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें पांच नमूने फेल आए हैं, जिनमें दवाएं नकली पाई गई हैं। इनमें से तीन नमूने कैलाशपुर में पकड़ी गई फैक्टरी के हैं, जबकि एक नमूना एसबीडी जिला अस्पताल के पास स्थित मेडिकल स्टोर और एक गंगोह के मेडिकल स्टोर का है। सरकारी दवाओं के दो नमूने अधोमानक मिले हैं। - संदीप कुमार, औषधि निरीक्षक