सहारनपुर में जातीय हिंसा से सुलग रहे शब्बीरपुर और आसपास के गांवों में अब माहौल शांति की ओर लौटने लगा है। बृहस्पतिवार को प्रमुख सचिव गृह के नेतृत्व में पूरा प्रशासनिक अमला शब्बीरपुर में घर-घर पहुंचा और शांति की अपील की।
अफवाहों को लगाम देने के लिए दोपहर बाद जिले भर में मोबाइल पर इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। हिंसा के छह मामलों में 96 नामजद और 600 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
देर शाम प्रमुख सचिव गृह मणि प्रसाद मिश्र ने प्रेसवार्ता में एक महीने से सहारनपुर में हो रही हिंसा को सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया। उधर, शब्बीरपुर जाने की कोशिश कर रही पूर्व केन्द्रीय मंत्री शैलजा कुमारी को सहारनपुर की सीमा पर ही रोक दिया गया। देवबंद विधायक बिना सूचना के गांव पहुंच गए। हालांकि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद वे लौट गए।
बृहस्पतिवार को बड़गांव के शब्बीरपुर सहित अन्य गांवों में तनावपूर्ण शांति रही। सुबह ही प्रमुख सचिव गृह मणि प्रसाद मिश्र का काफिला शब्बीरपुर पहुंचा और उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से बातचीत की।
गांव में गिरफ्तारी के डर से फरार हुए लोगों से वापसी की अपील की और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। देर शाम प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा, जैसी घटनाएं यहां हुई हैं, सहारनपुर की हवा ऐसी नहीं है।
हिंसा की घटनाओं में बाहरी लोग शामिल हो सकते हैं। घटनाएं सुनियोजित षड्यंत्र के तहत हुई हैं। अब तक हुई घटनाओं में दर्ज एफआईआर में साक्ष्य संकलन किया जा रहा है।
हिंसा के पीछे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में कमी को स्वीकार किया और कहा अधिकारियों की मौजूदगी में उग्रता से साफ है कि हमारी दृढ़ता व कार्यप्रणाली में कमी है। इससे पहले दोपहर 12 बजे से सहारनपुर में मोबाइल पर इंटरनेट सेवा पर रोक लग गई। प्रशासन ने जिले भर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सर्वदलीय बैठक भी की।