सहारनपुर। एक तरफ केंद्रीय कर्मियों को 55 साल की आयु अथवा 30 साल सेवा पूरी करने पर सेवानिवृत्ति संबंधी केंद्र सरकार का आदेश तो प्रदेश सरकार द्वारा पांच साल तक संविदा कर्मी के तौर पर भर्ती को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है। इन फैसलों को गैरजरूरी और अन्यायपूर्ण बताया जा रहा है। इससे कर्मचारियों में आक्रोश पनप सकता है।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह त्यागी का कहना है कि केंद्र और प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों से खिलवाड़ कर रही है। केंद्र सरकार ने 55 वर्ष उम्र के बाद बिना नोटिस दिए सेवानिवृत्त का फैसला लिया है, जो गलत है। चुनाव लड़ने के लिए भी जनप्रतिनिधियों की उम्र 55 साल तय की जाए। इसके बाद चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाए।
उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ भेदभाव करने पर तुली है।
ग्राम्य मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार को अपना निर्णय वापस लेना चाहिए। कोरोना की वजह से पहले ही स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री दानिश सिद्दीकी ने कहा कि ऐसे निर्णय किसी भी लिहाज से सही नहीं है।
अंबाला मंडल के 1500 रेल कर्मी होंगे प्रभावित
नार्दन रेलवे मैन्स यूनियन के शाखा सचिव अवतार सिंह का कहना है कि अंबाला मंडल में करीब 1500 कर्मी ऐसे हैं, जो 55 साल की उम्र पार कर चुके हैं। केंद्र सरकार के फैसले से यह सभी लोग प्रभावित होंगे। 55 साल की आयु अथवा 30 साल की सेवा पूरी होने पर सेवानिवृत कर दिए जाने का फैसला गलत है, यह फैसला वापस होना चाहिए। रेलवे के निजीकरण के विरोध में कर्मचारी पहले ही आंदोलन कर रहे हैं, इस फैसले के खिलाफ भी रूपरेखा बनाई जाएगी।
उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार- फोटो : SAHARANPUR
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री दानिश सिद्दीकी।- फोटो : SAHARANPUR
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह त्यागी।- फोटो : SAHARANPUR