एक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर अपना और परिजनों के अनुसूचित जाति के फर्जी प्रमाणपत्र बनवा लिए। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के यहां शिकायत होने पर जिला स्तरीय स्क्रूटनी समिति ने जांच में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा है। जांच समिति की आख्या पर एसएसपी के आदेश पर सदर बाजार कोतवाली में आरोपी समेत नौ परिजनों और लेखपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। तहसीलदार ने सभी फर्जी जाति प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया है।
सहारनपुर में सदर बाजार कोतवाली पर सिविल लाइन चौकी प्रभारी एसआई संजय त्यागी की ओर से यह रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जिसमें आवास विकास कॉलोनी निवासी अजेंद्र पाल सिंह चावला, उसकी पुत्री हरमीत कौर, बेटे सरदार रणजोत सिंह, भाई सतवीर सिंह, कंवरजीत सिंह, जसजीत सिंह, हरनू्र कौर, राजकुमार, अभिराज कंवर सिंह परिजनों के अलावा तत्कालीन संबंधित लेखपाल को नामजद किया गया है। जांच समिति की आख्या के अनुसार अजेंद्र पाल सिंह चावला ने राजकीय इंटर कॉलेज सहारनपुर में प्रवेश के समय प्रवेशपत्र में धर्म और जाति के कॉलम में मात्र हिंदू सिख लिखा था।
आरोपी ने इस कॉलेज से जारी कराई टीसी प्रमाण पत्र में षड्यंत्र रच कर अपनी जाति वाल्मीकि अंकित करा कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और इसी टीसी के आधार पर संबंधित लेखपाल के साथ षड्यंत्र रचकर अनुसूचित जाति वाल्मीकि का जाति प्रमाणपत्र बनवा लिया। इसके बाद अपने परिजनों के जाति प्रमाण पत्र बनवाए गए। इन फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर अजेंद्रपाल और अन्य परिजनों ने अनुचित लाभ लिए और एसटीएसटी एक्ट का भी मुकदमा यमुनानगर निवासी रिश्तेदार सतनाम सिंह खुराना आदि के खिलाफ दर्ज कराया है।
सतनाम सिंह ने की थी आयोग को शिकायत
यमुनानगर के मॉडल टाउन निवासी सतनाम सिंह खुराना ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली को शिकायती पत्र भेजा था। जिसमें उसने अजेंद्रपाल सिंह और उसने परिजनों के फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनवाने और उसके खिलाफ झूठी एसटीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराने की शिकायत की थी। आयोग ने मंडलायुक्त को जांच कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय स्क्रूटनी समिति की जांच की तो इस फर्जीवाडे का खुलासा हुआ।