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मेडिकल कॉलेज में महिला की मौत का मामला

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सहारनपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग से कूदकर जान गंवाने वाली महिला कोशल बार-बार स्टाफ नर्स से कहती थी कि मुझे घर भिजवा दो, मेरे बेटे को बुलवा दो। यह बातें मौके पर पहुंचे अधिकारियों को अस्पताल के कर्मियों ने बताई हैं।
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नकुड़ क्षेत्र के गांव नारायणपुर गुर्जर निवासी कोशल (54 वर्षीय) का एक बेटा यमुनानगर में रहकर काम करता है। पता चला है कि कोशल भी यमुनानगर की प्लाइवुड फैक्टरी में कार्य करती थी। 27 जून को जब कोशल को भर्ती कराया गया था, तब हालत खराब थी और ऑक्सीजन का स्तर भी बहुत कम था, लेकिन 29 जून को ऑक्सीजन स्तर 97 हो गया था। एक्स-रे रिपोर्ट भी ठीक आई थी। सुधार होने पर ही महिला को आईसीयू के वार्ड संख्या 5 से वार्ड संख्या 6 में शिफ्ट किया गया था।
डीएम और एसएसपी भी पहुंचे
घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अखिलेश सिंह और एसएसपी डॉ. एस चनप्पा भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने कॉलेज प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी सहित डाक्टर और स्टाफ नर्स से भी जानकारी ली। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि महिला की सेहत में सुधार हो रहा था, वह दीवार से क्यों कूदी, इसकी जांच के लिए कमेटी गठित करा दी गई है।
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दो फीट की थी दीवार, जिस पर चढ़ी महिला
मेडिकल कॉलेज में आईसीयू वार्ड संख्या 6 प्रथम मंजिल पर है। उसके पास ही शौचालय है तथा खुली छत भी है। छत पर करीब दो फीट की चहारदीवारी है। अपराह्न करीब तीन बजे के बाद कोशल उसी दीवार पर चढ़ गई थी। इसे वार्ड ब्वाय आशीष ने भी देखा तो वह महिला के पास पहुंचा, तब तक वह दीवार से नीचे कूदने लगी। आशीष ने उसे पकड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन बचा नहीं सका।
महिला के पति की हो चुकी पांच साल पहले मौत
पता चला है कि महिला कोशल के पति तीरथ की कई साल पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद करीब 10 साल से कोशल अपने गांव नारायणपुर को छोड़कर चली गई थी और तीन बच्चों के साथ हरियाणा के यमुनानगर स्थित प्लाईवुड फैक्टरी में नौकरी करने लगी थी। महिला की मौत होने पर सरसावा थाना पुलिस ने नारायणपुर गांव सहित उसके मायके वालों को भी सूचना दी। इसके बाद महिला का छोटा बेटा मेडिकल कॉलेज पहुंच गया।
तीन साल पहले भी हुई थी ऐसी घटना
सरसावा। राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी में तीन साल पूर्व 2018 में भी एक महिला की अस्पताल की बिल्डिंग से गिरने पर मौत हो गई थी। उस दौरान महिला रात के समय शौच के लिए उठी थी और अस्पताल की छत से गिर गई थी। महिला के तीमारदार भी अस्पताल में थे, लेकिन उसी दौरान बिजली आपूर्ति बंद होने पर वह बाहर आ गए थे।
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