सहारनपुर। दशलक्षण पर्व के तहत सोमवार को अकिंचन दिवस की पूजा अर्चना की गई। जैन मंदिरों में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए भगवान श्रीजी का अभिषेक कर शांतिधारा की गई।
जैन बाग स्थित प्राचीन अतिशय मंदिर में श्रावकों ने श्रद्धाभाव से श्रीजी का अभिषेक किया। इसमें सुखमाल कुमार जैन, रवि कुमार जैन, मनोज कुमार जैन, अविनाश कुमार जैन, राजीव जैन, प्रबल जैन, इंद्रसेन जैन, राजीव जैन, दक्ष जैन, मानसिंह जैन, अतुल कुमार जैन, सनमय जैन, सुशील जैन, शुभम जैन, सुबोध जैन शामिल रहे। जैन समाज के अध्यक्ष राजेश जैन ने कहा कि उत्तम क्षमा से प्रारंभ हुई दशलक्षण पर्व की यात्रा रविवार को उत्तम त्याग तक पहुंची थी। त्याग करते करते हुए जब मानव आगे कदम बढ़ाता है तो उसके जीवन में उत्तम अकिंचन धर्म स्वयं प्रकट हो जाता है। क्योंकि, मनुष्य जब यह धारणा बना लेता है कि किंचित मात्र भी मेरा नहीं है, तब वह सब कुछ त्याग कर देता है, जब उसके पास कुछ भी परिग्रह नहीं होगा तो, वहीं अकिंचन धर्म होगा। संजीव जैन बब्बू कहा कि भूतकाल में जितने भी महामानव, तीर्थंकर एवं सिद्ध पुरुष हुए हैं और भविष्य में जो भी होंगे, उन सभी ने अकिंचन धर्म को धारण किया। इस दौरान उपाध्यक्ष विपिन जैन, संरक्षक राकेश जैन, महामंत्री संजीव जैन, मीडिया प्रभारी अनिल जैन, कोषाध्यक्ष अरुण जैन, नवीन जैन, दिनेश जैन, तरुण जैन, श्रेयांश जैन मौजूद रहे।