सहारनपुर। पंजीकरण और आधार कार्ड में नाम मिसमैच होने के कारण जनपद में बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक आपदा राहत योजना के लाभ से वंचित हैं। श्रम विभाग ने इस योजना के लाभ से वंचित श्रमिकों को पोर्टल पर जाकर इसे ठीक कराने का सुझाव दिया है। जिससे निर्माण श्रमिकों के बैंक खाते में दूसरे चरण में आपदा राहत योजना के तहत मिलने वाले एक-एक हजार रुपये पहुंच सकें।
प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को कोरोना काल में आपदा राहत योजना के तहत एक-एक हजार रुपये बैंक खाते में भेजे जा रहे हैं। जनपद में 2,73,306 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। आपदा राहत योजना के प्रथम चरण में जनपद में 87044 निर्माण श्रमिकों के बैंक खातों में एक-एक हजार रुपये की धनराशि पहुंची है। शेष निर्माण श्रमिकों के बैंक खाते में आपदा राहत योजना के तहत मिलने वाले धनराशि भेजने की तैयारी हो रही है, लेकिन कुछ श्रमिक ऐसे भी हैं, जिनका आधार कार्ड और पंजीकरण में नाम मिचमैच है, जबकि कुछ श्रमिकों के बैंक खाते का नंबर भी बदल गए हैं। ऐसे श्रमिकों के बैंक खाते में राहत धनराशि नहीं पहुंच पा रही है। इसके लिए निर्माण श्रमिकों को श्रम विभाग के पोर्टल पर आधार कार्ड एवं बैंक खाते में दर्ज नाम और पंजीकरण में दर्ज नाम को सही कराना होगा। दूसरे चरण में उनके बैंक खाते में आपदा राहत योजना की धनराशि भेजी जा सके।
वर्जन
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बैंक खातों में शासन की ओर से एक-एक हजार रुपये की धनराशि आपदा सहायता योजना में भेजी जा रही है, लेकिन कुछ श्रमिकों के आधार कार्ड, बैंक खाते और पंजीकरण नाम मिचमैच मिल रहे हैं। इसके चलते कुछ श्रमिक योजना के लाभ से वंचित हैं। ऐसे श्रमिक विभागीय पोर्टल पर इसे ठीक करा लें। ताकि दूूसरे चरण में उनके खाते में एक-एक हजार रुपये पहुंच सकें। - शक्ति सेन मौर्य, उप श्रमायुक्त।