सहारनपुर में भीषण गर्मी से जूझ रहे जनपदवासियों के लिए सोमवार का दिन राहत लेकर आया। सुबह और दोपहर में अलग-अलग क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश और ओलावृष्टि से पारा धड़ाम हो गया।
इससे मौसम सुहाना हो गया तो दूसरी ओर तेज हवा और ओलावृष्टि से बागवानों और किसानों को भारी नुकसान हुआ। तेज हवा की वजह से शहरी क्षेत्र में कई होर्डिंग उखड़कर सड़क पर जा गिरे। इनकी वजह से हादसे होते-होते बचे।
इस बार अप्रैल से गर्मी चरम पर है। कई दिन से अधिकतम पारा 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक था। न्यूनतम तापमान भी 20 से 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा था।
रविवार की रातभर उमसभरी गर्मी के बाद मौसम ने पलटी मारी और सोमवार सुबह आसमान में काली घटाएं छा गईं। सुबह के समय जनपद के रामपुर मनिहारान, बड़गांव समेत अनेक क्षेत्रों में झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। शहर के साथ ही अन्य क्षेत्रों में केवल हल्की बारिश हुई।
इसके बाद मौसम साफ हो गया। दोपहर करीब दो बजे फिर से मौसम ने करवट बदली। इसके बाद शहर और आसपास के इलाकों में करीब 20 मिनट झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई। इसके बाद फिर धूप निकल आई।
शाम साढ़े चार बजे फिर हल्की बारिश शुरू हो गई, जो देर शाम तक चलती रही। बारिश और ओलावृष्टि से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस तक आ गया।
उधर, बारिश के साथ तेज हवा और ओलावृष्टि किसानों और बागवानों के लिए मुसीबत लेकर आई। किसानों की उड़द और मूंग की फसलों को नुकसान पहुंचा है, जबकि आम की फसल झड़ जाने से बागवानों को भी झटका लगा है। शहरी क्षेत्र में कई जगहों पर होर्डिंग्स उखड़ गए।
चिलकाना बस स्टैंड पर लगा सरकारी पोल सड़क पर जा गिरा। गनीमत रही कि कोई व्यक्ति उसकी चपेट में नहीं आया। सोमवार को सीजन की पहली बारिश हुई, जिसने नगर निगम की तैयारी की पोल खोल दी।
पुराने शहर के ज्यादातर इलाकों के साथ ही आवास विकास, चंद्र नगर, अहमद बाग, नवीननगर आदि में जलभराव हो गया। नालियों और सड़कों का पानी घरों में घुस जाने से लोगों को परेशानी हुई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नालियों की समय से सफाई न होने की वजह से जलभराव की स्थिति बनी।