सहारनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 की तैयारी शुरू कर दी हैं। खास बात यह है कि बीते वर्ष की तुलना में इस बार दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की संख्या 10,889 कम है, जो एक बड़ी संख्या है। इसे लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी चिंतित नजर आ रहे हैं।
वर्ष 2019 में जनपद में यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए दसवीं और 12वीं में कुल 68,923 विद्यार्थी पंजीकृत थे। अगले ही वर्ष यानी 2020 में दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 73,946 हो गई थी। इनमें दसवीं के 38,812 और 12वीं के 35234 विद्यार्थी शामिल थे। इस बार दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की संख्या में गिरावट आई है। इस बार दसवीं और 12वीं में 63, 057 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, इनमें दसवीं के 34,028 और 12वीं के 29,029 विद्यार्थी शामिल हैं। पिछले वर्ष की तुलना में दसवीं के पंजीकरण में 4,784 की कमी और 12वीं में 6205 की कमी दर्ज की गई है।
परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी
बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है, जो जनवरी 2022 तक चलेगी। परीक्षा केंद्रों के लिए इस बार भी संस्थाओं को ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। इससे पहले गठित समिति विद्यालयों की जियो मैपिंग करेगी, इससे मानकों का आकलन किया जा सके। जिन भी विद्यालयों के ऑनलाइन आवेदन विभाग को प्राप्त होंगे। उनके आवेदन विभाग की ओर से वेबसाइट पर अप लोड कर दिए जाएंगे।
सुविधा संपन्न कॉलेज ही बनेंगे केंद्र
बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराना सरकार और परिषद की पहली प्राथमिकता है। ऐसे में केंद्र बनाने से पहले आवेदन करने वाले विद्यालयों का भौतिक सत्यापन भी होगा, इसमें कक्षाओं की लंबाई और चौड़ाई। कक्षों में सीसीटीवी और वायस रिकार्डर, चहारदीवारी, केंद्र तक जाने का मार्ग, शौचालय और सुरक्षा की व्यवस्था आदि देखी जाएगी। जो विद्यालय इन शर्तों पर नहीं उतरेंगे वह केंद्र बनने की दौड़ से बाहर होंगे।
माध्यमिक विद्यालयों में दसवीं और 12वीं के पंजीकरण में कमी चिंता का विषय है। कॉलेजों को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए, जिससे पंजीकरण को बढ़ाया जा सके। इसके अलावा केंद्र निर्धारण नीति जारी हो गई है, जिस पर जल्द काम शुरू होगा। - रवि दत्त, जिला विद्यालय निरीक्षक।