सहारनपुर। आर्थिक तंगी से जूझ रहे मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालकों ने सरकार के विरोध में सोमवार को सड़क पर उतरकर भीख मांगी। उन्होंने प्रदेेश सरकार पर विद्यालय संचालकों और शिक्षकों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाकर नारेबाजी की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर भविष्य में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ से जुड़े मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालक और शिक्षक सोमवार को हकीकतनगर स्थित धरना स्थल पर एकत्र हुए। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर आर्थिक पैकेज की मांग की। इसके बाद सड़क पर आकर भीख मांगी। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने कहा 18 माह से विद्यालय बंद होने के कारण विद्यालय संचालकों के परिवारों के सामने रोटी का संकट है। वह अपने शिक्षकों को मानदेय तक नहीं दे पा रहे हैं, इससे शिक्षकों की भी आर्थिक हालत खराब है।
उन्होंने कहा एक ओर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल निजी विद्यालयों को बिजली और पानी नि:शुल्क दे रहे हैं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार हर तरह का टैक्स और बिल वसूल रही है। उन्होंने कहा शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी विद्यालय गरीब बच्चों को मुफ्त में पढ़ा रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनके शुल्क की प्रतिपूर्ति नहीं की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार समय रहते नहीं जागी तो 2022 के चुनाव में निजी विद्यालय संचालक और शिक्षक सत्ताधारी दल को सबक सिखाने का काम करेंगे। इस दौरान समरीन फातमा, केपी सिंह, हंस कुमार, नकलीराम, विक्रम सिंह, अमरीश, मनोज मलिक, अरविंद मलिक, भोपाल, रेखा, मनीष, साक्षी, पूजा, शिल्पी, समरीन आदि मौजूद रही।
मुख्यमंत्री कोष में देंगे भीख में मिला पैसा
उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने बताया संघ के सदस्यों ने सोमवार को भीख मांगी। विद्यालय संचालकों द्वारा सोमवार को मांगी गई भीख में 1250 रुपये एकत्र हुए। एकत्र पैसे को संगठन के सदस्य ज्ञापन के साथ मुख्यमंत्री कोष में भेजेंगे।