सहारनपुर। जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने हेल्पलाइन पर रोजेदारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि रमजान संयम, मोहब्बत और दूसरों का ख्याल रखने का महीना है। इस वर्ष लॉकडाउन की वजह से जरूरी है कि हम सब सब्र से काम लें। शासन के निर्देशों का पालन करें और सामाजिक दूरी को अपनाएं।
सवाल:- मुरादाबाद निवासी हाजी शफीक ने पूछा कि शरीयत के अनुसार मधुमेह के मरीज के लिए रोजा रखने का क्या हुकुम है।
जवाब:- अगर शुगर के मरीज को रोजा रखना नुकसान नहीं पहुंचा रहा है तो वह रोजा रख सकता है।
सवाल:- लिंक रोड निवासी काशिफा हुसैन ने पूछा कि वह रोजे की हालत में अपने सिर और हाथों पर मेहंदी लगाना चाहती हैं। कई लोग कहते हैं कि मेहंदी लगाने से रोजा टूट जाता है। क्या यह सही है।
जवाब:- मेहंदी लगाने से रोजा नहीं टूटता है। कोई भी रोजेदार मेहंदी लगा सकता है।
सवाल:- पीलीभीत निवासी अख्तर आलम ने पूछा कि हमसे एक व्यक्ति ने उधार पैसा लिया था। वह पैसा वापस नहीं दे रहा है क्या उस रकम को जकात समझकर छोड़ सकते हैं।
जवाब:- यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो जकात अदा नहीं होगी, लेकिन अगर आप पैसा माफ कर देंगे तो सदके का सवाब मिलेगा।
इन नंबरों पर कर सकते हैं शंका दूर
सहारनपुर। रोजेदार फोन नंबर 09897399207, 9557757705, 9368399214 पर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कॉल और व्हाट्सएप कर सवाल पूछ सकते हैं।